कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में महिला कृषकों को मडुवे से नमकीन बनाने की विधि का प्रशिक्षण दिया गया।
केंद्र की प्रोग्राम असिस्टेंट निधि सिंह ने मडुवे से नमकीन बनाने की बारीकियां बताईं। उन्होंने कहा कि मडुवा पोषक गुणों से भरपूर है।
इसमें मौजूद प्रोटीन मात्रा धान से अधिक होने के साथ ही कैल्शियम की मात्रा धान, गेहूं क्रमश: 35, आठ गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि मडुवे से नमकीन की बाजार में अच्छी मांग है। इसके दाम भी अच्छे मिल रहे हैं।
केवीके काफलीगैर की प्रोग्राम असिस्टेंट सिंह ने बताया कि मडुवे का नमकीन हड्डियों को सघन बनाकर अस्थिकरण जैसे रोग के बचाव में सहायक है। साथ ही ग्लाइसीमिक इंडेक्स कम होने के कारण मधुमेह रोग में लाभकारी है।
मडुवे में लौह तत्वों की प्रचुरता से यह कुपोषण से लड़ने में भी सहायक है। वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में भी मडुवे का सेवन लाभप्रद है।
केंद्र के प्रभारी अधिकारी हरीश चंद्र जोशी ने सरकार द्वारा मडुवा, मादिरा के विकास के लिए चल रही महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में बताया।
केंद्र के प्रक्षेत्र प्रबंधक एमपी सिंह ने मडुवे के फसल के उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। वहां छौना, मटेला, झिरौली, काफलीगैर की कृषक महिलाएं थीं।