बागेश्वर। महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भद्रतुंगा में चल रहे श्रीराम महायज्ञ कूर्मांचल लघु अर्धकुंभ में शिरकत की। उन्होंने पहली बार हो रहे वृहद आयोजन को क्षेत्र की पर्यटन गतिविधियों के लिए शानदार कदम बताया। दावा किया कि निकट भविष्य में भद्रतुंगा, सहस्त्रधारा और सरमूल पिंडारी ग्लेशियर से भी अधिक सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे।
शनिवार को कोश्यारी देहरादून से हेलीकॉप्टर से केदारेश्वर मैदान पहुंचकर भद्रतुंगा के लिए कार से रवाना हुए। भद्रतुंगा में उनका भव्य स्वागत किया गया। प्रवचन पंडाल में उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पहली बार हो रहे भव्य आयोजन की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि गुजरात से आकर महामंडलेश्वर अभिरामदास त्यागी ने जो भव्य आयोजन कराया है, उसकी मैंने कल्पना तक नहीं की थी। भक्तों का उत्साह देखकर लग रहा है कि भद्रतुुंगा और सरमूल की महत्ता को अब लोग जानने लगे हैं।
कोश्यारी ने कहा कि मैं बचपन से यहां आता रहा हूं और सरयू तथा भद्रतुंगा के महत्व को जानता हूं। कहा कि वह पहली बार 13 साल की उम्र में यहां आए थे। तब भद्रतुंगा में उनका उपनयन संस्कार हुआ था। बाद में कई बार यहां आए। यह सौभाग्य की बात है कि ढलती उम्र में फिर सरयू किनारे पर हूं और यहां हो रहे भव्य महायज्ञ में शामिल हो रहा हूं। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि अब देशभर के लोग पावन सरयू के महत्व को समझने लगे हैं। इस मौके पर विधायक सुरेश गढि़या, जिपं अध्यक्ष बसंती देव, भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण, ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू, हरीश मेहरा, भगवत कोरंगा, दयाल कुमल्टा समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।
मौसम साफ होने से बढ़े श्रद्धालु
बागेश्वर। भद्रतुंगा में चल रहे महायज्ञ में मौसम साफ होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। आयोजन में महामंडलेश्वर अभिरामदास, महंत देवानंद दास, वृंदावन से आए परमेश्वर दास, गुना मध्य प्रदेश से सियाराम दास, पंजाब से रामदास महाराज, रामेश्वरम से शिव दास महाराज, उत्तरकाशी से राघवानंद दास, भावनगर गुजरात से राघवानंद महाराज, ऋषिकेश से वृंदावन दास समेत 40 से अधिक साधु-संत और महामंडलेश्वर आए हैं। संत और ब्राह्मण रोजाना हवन करने के साथ प्रवचन कर रहे हैं।