हवाई यात्रा का टिकट समय पर निरस्त हो जाने के बावजूद नियमानुसार शेष राशि नहीं लौटाने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने बंगलूरू की किंगफिशर एयरलाइंस को सेवा में कमी का दोषी माना है। फोरम ने किंगफिशर एयरलाइंस कोे शेष राशि, मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के लिए कुल 23,730 रुपए उपभोक्ता को भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
बागेश्वर निवासी ललित साह एसएसबी में सहायक कमांडेंट के पद पर ग्वालदम में तैनात हैं। 18 सितंबर 2012 को उन्होंने अपने और पत्नी के लिए किंगफिशर एयरलाइंस के दो टिकट ऑनलाइन बुक कराए। यह टिकट चार दिसंबर 2012 को चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर (अंडमान निकोबार) के लिए और सात दिसंबर को पोर्ट ब्लेयर से चेन्नई वापस आने के लिए थे।
दो टिकटों का दोनों तरफ का कुल भुगतान 14,590 रुपये किया गया था। कंपनी ने कंफर्मेशन की भी सूचना दे दी, लेकिन यात्रा से पहले श्री साह को अन्यत्र जाना पड़ गया। उन्होंने नियमानुसार दोनों टिकट निरस्त करा दिए और टिकट निरस्तीकरण चार्ज केे अलावा शेष राशि वापस भेजने के लिए पत्राचार किया।
बार-बार पत्र लिखने के बाद भी कंपनी ने शेष राशि नहीं लौटाई तो श्री साह ने यहां जिला उपभोक्ता फोरम में किंगफिशर के प्रबंध निदेशक के खिलाफ वाद दायर कर दिया। फोरम ने विपक्षी को समन तालीम करने के बाद इस साल 30 मई को कार्रवाई शुरू की। शिकायतकर्ता ने ई मेल से हुई कार्रवाई के साक्ष्य दिए।
9 जुलाई को जिला उपभोक्ता फोरम ने इस मामले में सुनवाई की। फोरम के अध्यक्ष जिला जज डॉ. जीके शर्मा, सदस्य संजय कुमार लोहनी और मीना फर्त्याल ने फैसले में कहा कि ऑनलाइन बुकिंग की शर्तों के अनुसार टिकट निरस्त होने के बाद प्रति टिकट पर एक तरफ दो सौ के हिसाब से कुल आठ सौ रुपये निरस्तीकरण शुल्क लिया जाता।
14530 रुपये की राशि में से आठ सौ रुपये काटकर 13730 रुपये शिकायतकर्ता को लौटाए जाने चाहिए थे। लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया। फोरम ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को यह राशि ब्याज सहित लौटाए। साथ ही मानसिक आघात की क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार और वाद व्यय के लिए पांच हजार सहित कुल 23730 रुपए का भुगतान शिकायतकर्ता को करे।