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कांडा महोत्सव में प्रहलाद मेहरा और माया उपाध्याय ने बिखेरा सुरों का जादू

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कांडा महोत्सव में गीत प्रस्तुत करते लोक गायक प्रह्लाद मेहरा। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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कांडा (बागेश्वर)। कांडा के रामलीला मैदान में आयोजित तीन दिवसीय कांडा महोत्सव का शनिवार को रंगारंग समापन हो गया है। समापन पर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इससे पूर्व शुक्रवार रात लोकगायक प्रहलाद मेहरा, माया उपाध्याय और कुंदन कोरंगा ने सुरों का जादू बिखेरा।
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महोत्सव के समापन के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक उमेद सिंह माजिला ने आयोजन को क्षेत्र की संस्कृति के संरक्षण के लिए अच्छी पहल बताया। कहा कि आने वाले वर्षों में महोत्सव को भव्य बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि युवाओं ने बेहतरीन आयोजन किया है। क्षेत्र में इस तरह के आयोजन से युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिस तरह से भव्य आयोजन हो रहे हैं, वह हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में मददगार साबित होंगे। अतिथियों ने मेहंदी, सुलेख आदि प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी दिए। महोत्सव समिति के अध्यक्ष हीरा सिंह कर्म्याल ने आयोजन के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर आभार जताया। इस मौके पर अधिवक्ता गोविंद सिंह भंडारी, राजेंद्र टंगड़िया, जितेंद्र वर्मा, आलम सिंह मेहरा, विरेंद्र नगरकोटी, आनंद धपोला आदि रहे।
वहीं, कांडा महोत्सव में शुक्रवार रात लोकगायकों के नाम रही। लोक गायक प्रहलाद मेहरा ने चांदी बटना दाज्यू कुर्ती कॉलर में.., कां छू तेरो जलेबी को डाब.., पहाड़ की चेलि लै.., ऐजा रे ऐजा मेरा दानपुरा.. आदि गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। लोक गायिक माया उपाध्याय ने मोहना मोहना मोहना.., ओ लौंडा मोहना तेरी केमुवा गाड़ी.., त्यार हाथ में हरिया रुमाला.. आदि गीतों से समा बांध दिया। लोक गायक कुंदन सिंह कोरंगा ने हिमा ह्यूं पड़ौ हिमाला.., भराड़ी की बजारा.. आदि गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया।
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