बागेश्वर। जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। नगर के राधाकृष्ण मंदिर सहित अन्य स्थानों के कृष्ण मंदिरों में भारी संख्या में भक्तजन दर्शन को उमड़ रहे हैं। महोत्सव में राधाकृष्ण के बाल रूप का दर्शन कराते बच्चे आकर्षक वेशभूषा में लोगों का मन मोह रहे हैं। नगर में तीन दिन तक चलने वाले महोत्सव का समापन एक सितंबर को होगा।
राधाकृष्ण मंदिर में सोमवार की सुबह विधिवत रूप से श्रीकृष्णजन्माष्टमी महोत्सव का शुभांरभ हुआ। बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल, हरीश बिष्ट और मनोज बचखेती ने सामूहिक रूप से पूजा अर्चना कर महोत्सव शुरू करवाया। महोत्सव के शुरू होते ही मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। पूरे दिन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
सायंकाल के बाद भजन-कीर्तन आयोजित किए गए। रात ठीक बारह बजे मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान भक्तों ने नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की का जयकारा लगाया। आयोजक समिति के सदस्य मनेेज बचखेती ने बताया कि मंगलवार को नगर में श्रीकृष्ण का डोला भ्रमण कराया जाएगा। एक सितंबर को सुंदरकांड पाठ और प्रसाद वितरण के साथ महोत्सव का समापन होगा। शुभारंभ पर पुजारी गणेश जोशी, जीवन तिवारी, मदन ड्याराकोटी, दर्शन जोशी, पंकज मेहता, दीपक चौधरी, अमित साह आदि रहे।
इधर अमसरकोट के द्वारिकाधीश मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भक्तों ने पूजा-अर्चना और भजन कीर्तन का आयोजन किया। अमसरकोट, जौलकांडे, नदीगांव से श्रद्धालु द्वारिकाधीश भगवान के दर्शन को उमड़े। भक्तों ने भजनों के माध्यम से राधाकृष्ण की महिमा गाई। देर रात तक मंदिर में भजनों का दौर चलता रहा।
राधा और कान्हा का रूप धरे बच्चों बने आकर्षण का केंद्र
बागेश्वर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर राधाकृष्ण की वेशभूषा में मंदिर दर्शन को आए बच्चों ने महोत्सव में मौजूद लोगों का मन मोहा। मंदिर में राधाकृष्ण बनकर आए बच्चों की मौजूदगी से पूरा माहौल कृष्णमय नजर आया। कई बच्चों ने अपनी बाल सुलभ भाव भंगिमाओं के माध्यम से कृष्ण के बाल रूप को साकार करने का भी प्रयास किया। बच्चों के कौतुहल को देखकर श्रीकृष्ण के दर्शनों को उमड़े भक्त भी बेहद खुश दिखे।