बागेश्वर। जिले में प्राचीन नौलों, धारों और नदियों के संरक्षण-संवर्धन, भू-जल स्तर में सुधार के लिए स्प्रिंग एवं रिवर रीजुविनेशन अथॉरिटी के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। योजना के तहत गरुड़ गंगा नदी के पुनर्जीवन का कार्य भी किया जाना है। डीएम आकांक्षा कोंडे ने इसके लिए विस्तृत और व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को सारा की बैठक लेते हुए डीएम कोंडे ने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विस्तृत सर्वे जरूरी है। इसमें आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के साथ-साथ स्थानीय बुजुर्गों और अनुभवी व्यक्तियों के ज्ञान-अनुभव को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने आगामी 15 दिनों के भीतर गरुड़ गंगा सहित अन्य महत्वपूर्ण जल स्रोतों के संरक्षण से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ आरसी तिवारी, अभिषेक मेहरा, दीपक भट्ट, उमेश बिष्ट, रविंद्र सिंह मलड़ा आदि मौजूद रहे।