गरुड़/कौसानी/बागेश्वर। ग्राम्य विकास एवं उद्योग विभाग की प्रमुख सचिव मनीषा पंवार शुक्रवार को कौसानी, गरुड़ ब्लॉक में पहुंचीं। उन्होंने विभागीय कामकाज समेत आजीविका सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों को देखने के बाद कौसानी में पार्किंग, शौचालय, रेस्टोरेंट बनाने के निर्देश दिए।
डीएम रंजना राजगुरु ने कौसानी में उनका स्वागत किया। प्रमुख सचिव ने ग्रामीण हाट (शॉल फैक्ट्री), चाय बागान, संजीवनी हिलांस पिकल्स यूनिट, हिलांस आउटलेट, होम स्टे, लघु संग्रह केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने आजीविका सहयोग परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति भी देखी। हिमगिरि संजीवनी एवं बैजनाथ आजीविका संघों के प्रयास को सराहा। लघु संग्रह केंद्र, नैनो पैकेजिंग यूनिट में बन रहे उत्पादों का निरीक्षण किया। हिमगिरि सहकारिता के बोर्ड सदस्यों के साथ बैठक भी की। उन्होंने ग्रामीणों के उत्पादों को सराहा। उत्पादों की ब्रांडिंग और पैकेजिंग को और बेहतर बनाने को कहा। बताया कि उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने के लिए देहरादून में सेंटर बनाया जा रहा है, जिसमें समूहों के उत्पादों की बिक्री की जाएगी। उन्होंने समूहों की महिलाओं की समस्याओं की भी जानकारी ली।
सहकारिता अध्यक्ष चंपा गोस्वामी ने बीज बैंक खोलने और रेस्टोरेंट संचालन में सहयोग मांगा। इस पर प्रमुख सचिव ने डीएम से जरूरी कार्यवाही करने को कहा। बैजनाथ आजीविका संघ के प्रीकूलिंग सेंटर, डेमेस्क रोज, ग्रोथ सेंटर, संजीवनी आजीविका संघ के हिलांस पिकल्स यूनिट, फल प्रसंस्करण ग्रोथ सेंटर का भी जायजा लिया। फलों से अचार, जूस बनाने की जानकारी ली। श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन कौसानी क्लस्टर योजना की भी समीक्षा की। जल संस्थान के ईई एमके टम्टा, अपर परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, उद्यान विभाग, लोनिवि की भी प्रगति पूछी। लोनिवि से पार्किंग, शौचालय की उचित व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए।
इस मौके पर अपर सचिव ग्राम्य विकास डॉ. रामविलास यादव, सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी, एसडीएम गरुड़ जयवर्धन शर्मा, राज्य समन्वयक मनरेगा मो. असलम, सीडीओ नरेश शर्मा, सीएओ बीपी मौर्य, जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, परियोजना निदेशक आजीविका धर्मेंद्र पांडेय आदि थे।