बुधवार को धूराफाट के जंगल आग से धधक रहे थे। ग्रामीणों के साथ आग बुझाने में वहां के वन दरोगा भी जी जान से जुटे थे। आग और धुएं से वहां जबरदस्त धुंध छाई हुई थी। आग बुझाने में कड़ी मशक्कत कर रहे वन दरोगा तारा चंद्र पांडे बेहोश हो गए। ग्रामीण उन्हें तुरंत कठपुड़ियाछीना के अस्पताल ले गए।
स्वास्थ्य कर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अल्मोड़ा रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार धूराफाट क्षेत्र के कंपार्ट नंबर एक, चार और पांच के चीड़ के जंगल में आग धधक रही थी। आग बुझाने में वन दरोगा पांडे, बौड़ी के प्रधान मोहन सिंह रावत, फारेस्ट गार्ड सुुरेश, शंकर सिंह जुटे थे। बुधवार अपराह्न वन दरोगा पांडे आग बुझाते समय अचानक बेहोश हो गए। ग्राम प्रधान और वनकर्मी उन्हें तुंरत कठपुड़ियाछीना के अस्पताल में ले गए।
वहां से उन्हें अल्मोड़ा रेफर कर दिया। ग्राम प्रधान मोहन सिंह रावत ने बताया कि वन दरोगा का अल्मोड़ा के मालरोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा है वहां उनके स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है।