राजकीय महाविद्यालय के बीएड पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य डॉ. एससी पंत के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें स्ववित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रम की फीस बढ़ाने का विरोध करते हुए इसे कम करने की मांग की। नारेबाजी के बीच छात्र-छात्राओं ने कहा कि राज्य के कई महाविद्यालयों में बीएड की स्ववित्त पोषित कक्षाएं शुरू की गई हैं। इससे सुदूरवर्ती इलाके के छात्रों को भी लाभ मिल रहा है।
सीटें बढ़ने से हर साल सैकड़ों युवा बीएड का प्रशिक्षण ले रहे हैं, इससे निजी स्कूलों पर भी निर्भरता घटी है लेकिन स्ववित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रम की फीस 40 हजार रुपये से भी अधिक होने के कारण गरीब परिवारों के छात्र-छात्राओं को कठिनाई हो रही है। अब बीएड दो साल का होने के कारण चुनौती बढ़ गई है।
उन्होंने फीस कम करने और इन सीटों को भी राज्य पोषित करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में गोपाल सिंह भौर्याल, नवीन चंद्र भट्ट, प्रकाश भट्ट, नवीन उपाध्याय, सुनील बिष्ट, संजय, कविता, अपर्णा, प्रकाश आर्या, बबीता, गुंजन आदि शामिल थे।