बागेश्वर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से जिला अस्पताल के रक्तकोष में 18 लाख रुपये की लागत से ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का निर्माण तो पूरा हो गया है। इस यूनिट में विभाग की ओर से उपकरण और कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
जिले में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट नहीं होने से मरीज रक्त के पीआरबीसी, एफएफपी, प्लेटलेट्स और क्राओपीसीपीटल कंपोनेंट के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर है। अलग-अलग बीमारियों से परेशान मरीजों के रक्त के लिए अलग-अलग कंपोनेंट की जरूरत होती है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट बनाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को भेजा।
बीते दिनों अपर सचिव स्वास्थ्य अनुराधा पाल ने यूनिट का शीघ्र संचालन करने के लिए सीएमओ को निर्देश दिए थे। इसके बाद भी यूनिट का संचालन नहीं हो पाया है।
कोट -
यूनिट के संचालन के लिए लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया चल रही है। जरूरी उपकरणों की मांग के लिए शासन को सूचना भेजी है। लाइसेंस और उपकरण उपलब्ध होने के बाद कर्मियों की तैनाती कर यूनिट का संचालन किया जाएगा। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर