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सड़क नहीं बनी तो चुनाव में दबाएंगे नोटा

Wed, 18 May 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
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सड़क - फोटो : amar ujala
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 कांडा तहसील के दौला से देवलबिछराल-करेड़िया-बाजड़ मंजूर सड़क की कहानी भी अजीब सी है। आठ किमी लंबी इस सड़क का निर्माण भाजपा और कांग्रेस के नेता अब होगा तब होगा करके क्षेत्र के लोगों को टहलाते रहे हैं लेकिन सच तो यह है कि सड़क पर बाधक वन अधिनियम की स्वीकृति आज तक नहीं मिल सकी है।
 सड़क नहीं बनने से जहां गांवों के विकास पर ब्रेक लगा है वहीं पलायन पर भी जोर पकड़ते जा रहा है। गांव में उत्पादित शाक भाजी और अन्य उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। रोगियों को ऊबड़ खाबड़ रास्तों से डोली में बैठाकर सड़क तक लाने में ग्रामीणों के पसीने छूट  रहे हैं। सड़क नहीं बनने से क्षेत्र की तीन हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। गुस्साए ग्रामीण अब सड़क का निर्माण शीघ्र नहीं होने पर विधानसभा चुनाव में ईवीएम पर नोटा का बटन दबाकर अपना गुस्सा उतारने की ठान रहे हैं। 
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शासन प्रशासन की उपेक्षा के कारण ग्रामीण आज भी 14वीं सदी में ही जीने को मजबूर हैं। सड़क के बगैर गांवों का विकास कतई संभव नहीं है।
 नंदा बल्लभ जोशी

सड़क न होने का बहाना बनाकर अधिकारी गांवों के भ्रमण पर नहीं आते हैं। जिससे विकास होना तो दूर योजनाओं की जानकारी तक नहीं मिल पाती है।
सुुरेंद्र सिंह बोरा

 नेता आते हैं तरह तरह के आश्वासन दे जाते हैं। कहा कि जब यातायात की सुविधा ही नहीं होगी विकास की बात भी बेईमानी ही होगी। इसके लिए अब संघर्ष की राह पकड़ने को मजबूर होना पड़ेगा। 
 मोहनी देवी

सड़क नहीं बनने से क्षेत्र के लोग अपने को ठगा सा महसूूस कर रहे हैं। इस मांग को अमलीजामा पहनाने के लिए कई बार मांग कर दी है लेकिन कोई सुनता नहीं। हाल यों ही रहे तो विधानसभा चुनाव में लोग नोटा का बटन दबाने को मजबूर होंगे।
18 बीजीएस 04पी: विरेंद्र कर्नाटक

गांव की अन्य समस्याओं के साथ ही सड़क की समस्या भी प्रमुख है। सड़क होती तो गांवों में उत्पादित शाकभाजी और अन्य उत्पाद बाजार तक पहुंचते इससे लोगों की आय बढ़ती है लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं है।
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 नैना देवी


-आठ किमी लंबी यह सड़क मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल हैं। प्रथम चरण में वन अधिनियम की स्वीकृति मिल चुकी है। वन अधिनियम की फाइल भी ऑनलाइन कर दी गई है। पूर्ण स्वीकृति मिलते ही निविदाएं आमंत्रित करके निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
केके तिलारा, ईई लोनिवि, बागेश्वर।
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