चार दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश से कई पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई थीं। इससे नगर समेत विभिन्न हिस्सों में पेयजल संकट चल रहा है। गुस्साए लोगों ने योजनाओं के शीघ्र चालू न होने पर आंदोलन की चेेतावनी दी है।
गत 15 मई को नगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश से आधा दर्जन योजनाएं बह गई थी। इनमें जल निगम की जजी पेयजल योजना के सात पाइप, मजियाखेत स्वैप योजना के पांच पाइप, द्यांगण की योजना के 12 पाइप, जल संस्थान की नदीगांव और तहसील रोड योजना के 10 पाइप बह गए थे। तब से इन क्षेत्रों की जलापूर्ति ठप पड़ी हुई है। हालांकि पेयजल संस्थान लोगों में टैंकर के जरिए पानी बांट रहा है।
लेकिन उन्हें यह पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। टैंकरों का लाभ भी केवल सड़क किनारे की आबादी को मिल रहा है। सड़क से दूर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पीने का पानी भी मुहैया नहीं हो पा रहा है। तहसील क्षेत्र के होटल व्यवसाइयों की समस्या तो दोगुुनी हो गई है। नगर के मजियाखेत, नदीगांव क्षेत्र में सबसे अधिक पेयजल किल्लत बनी हुई है। लोगों को पीने के लिए बिलौना स्थित धारे से पानी लाना पड़ रहा है।
कई लोग सड़क में लगे हैंडपंप से मजदूरों से पानी ढुलाने को मजबूर हैं। सभासद प्रकाश जोशी, विक्रम दानू, जमन सिंह दानू, रमेश सिंह दानू, मदन सिंह, किशन लुम्याल, विशन सिंह लुम्याल, खष्टी जोशी, हीरा नेगी समेत कई लोगों ने जल संस्थान को पानी की आपूर्ति शीघ्र न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर, जल संस्थान के ईई केेएस खाती ने बताया कि पेयजल संकट से निपटने के लिए जल संस्थान की ओर से टैंकरों की व्यवस्था की गई है।