बागेश्वर में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद
बागेश्वर। जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ के सीएमओ कार्यालय अटैच होने से जिला अस्पताल में आने वाले बाल मरीजों की दिक्कत बढ़ रही हैं। उचित इलाज नहीं मिलने से बच्चों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। दो दिन में बुखार और दस्त से पीड़ित तीन बच्चों को जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है।
जिला अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सीएचसी कपकोट में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ को ओपीडी में तैनात किया गया है। इमरजेंसी में आने वाले बच्चों का उपचार करने का कोई प्रबंध नहीं हुआ है। शनिवार को रक्षाबंधन और रविवार को सार्वजनिक अवकाश के चलते जिला अस्पताल की ओपीडी दो दिन से बंद है। शुक्रवार की रात कपकोट के हिचौड़ी निवासी डेढ़ साल के बच्चे को बुखार और दस्त होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए। जहां उसकी हालत में सुधार नहीं होने से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
मंडलसेरा जीतनगर निवासी पांच वर्षीय युवराज को भी बुखार होने पर जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है। रविवार को भी एक बच्चे को बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने का हवाला देकर हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया। इमरजेंसी में तैनात डॉ. आकांक्षा ने बताया कि अस्पताल में बुखार, दस्त, उल्टी और खांसी जुखाम से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। गंभीर मामलों में बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। जबकि अन्य का प्राथमिक उपचार किया जा रहा।
बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से कई बच्चों को गंभीर बीमारी होने पर हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। सामान्य हालत में पहुंच रहे बच्चों का अन्य चिकित्सक उपचार कर रहे हैं। - डॉ. तपन शर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल बागेश्वर