रोजगार सहायक की संदिग्ध परिस्थतियों में हुई मौत के मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों और मनरेगा कर्मियों ने मंगलवार को जिला अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।
उन्होंने अस्पताल के बाहर संपर्क मार्ग पर धरना देकर मृतक के परिजनों को दस लाख का मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, उसके बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने की मांग की।
बोहाला न्याय पंचायत के घटगाड़ निवासी रोजगार सहायक कैलाश चंद्र पुत्र पनीराम की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई। मंगलवार को कैलाश का शव सप्तेश्वर के पास सरयू नदी के किनारे मिला। बुधवार को कैलाश के शव को करीब 11 बजे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
शव के जिला अस्पताल में पहुंचते ही बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि, मनरेगा कर्मचारी मौके पर पहुंचे और सोशल आडिट करने आई टीम पर कैलाश को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि टीम ने कैलाश को ज्यादा काम दिया। इसके चलते यह घटना हुई।
पोस्टमार्टम गृह के बाहर काफी देर तक गहमागहमी रही। करीब एक बजे जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठाणी, नगर पालिका अध्यक्ष गीता रावत, ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल, कनिष्ठ प्रमुख राजेंद्र बाराकोटी आदि भी वहां पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल के बाहर संपर्क मार्ग में धरना दिया।
धरने से संपर्क मार्ग पर जाम लग गया। कुछ देर बाद डीडीओ केएन तिवारी, एसडीएम एसएस राणा, सीओ वीर सिंह, प्रभारी कोतवाल यूआर आर्या आदि धरना स्थल पहुंचे। जनप्रतिनिधियों, मनरेगा कर्मियों और आक्रोशित लोगों ने अधिकारियों का घेराव कर आक्रोश जताया।
अधिकारियों द्वारा मांगों पर कार्यवाही करने का आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस के शव को परिजनों को सौंपा।
मनरेगा कर्मियों ने एसबीआई तिराहे पर लगाया जाम
जिला अस्पताल परिसर के सामने धरना समाप्त होने कुछ देर बात मनरेगा कर्मियों ने एसबप्तीआई तिराहे के पास हाइवे पर जाम लगा दिया। उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मनरेगा कर्मियों के लिए ईपीएफ की व्यवस्था करने, सोशल आडिट टीम के सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कराने की मांग की।
करीब आधा घंटे तक लगे जाम से मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही। एसडीएम एसएस राणा ने कर्मचारियों को समझाकर यातायात सुचारु करवाया।
प्रदर्शन करने वालों में मनरेगा कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष धीरज सिंह रावत, मोहन राम, संतोष पांडे, माया कुमाल्टा, गौरव तिवारी के अलावा ग्राम्य विकास अधिकारी एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल थे।
आत्महत्या मान रही है राजस्व पुलिस
कैलाश की मौत को राजस्व पुलिस अभी आत्महत्या मान रही है। राजस्व उप निरीक्षक प्रवीन टाकुली ने बताया कि घटना स्थल की स्थितियों से प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सही कारणों का पता चल सकेगा।