बागेश्वर। संसाधनों की कमी और चिकित्सकों के पहाड़ की चढ़ाई न चढ़ पाने से सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में ताला लटक गया है। वर्ष 2024 में जिले के कुछ लोगों ने संस्थान की मदद करने का भी वादा किया था।
वर्ष 1972 से जिला अस्पताल के परिसर में संचालित सीतापुर नेत्र चिकित्सालय का कभी जिले में बड़ा नाम हुआ करता था। जिले के लोग आंखों के उपचार से लेकर सर्जरी कराने के लिए इस अस्पताल में पहुंचते थे। समय के साथ धीरे-धीरे संस्थान ने अस्पताल का संचालन करने से हाथ खड़े कर दिए।
24 अप्रैल 2024 को सीतापुर नेत्र चिकित्सालय उत्तर प्रदेश के संपत्ति कार्यालय के प्रबंधक इंजीनियर डीके शर्मा ने अस्पताल का निरीक्षण कर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से इसके संचालन में मदद करने की अपील की थी। इसके लिए जिले के कई लोग आगे आए और उन्होंने हर संभव मदद करने का भी भरोसा दिया। बावजूद इसके अब तक अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इस दौरान वह अस्पताल में रखे उपकरणों को भी अपने साथ लेकर गए।
कोट
बागेश्वर के अस्पताल में कोई चिकित्सक जाने को तैयार नहीं है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने मदद का भरोसा दिया था। मदद के सहारे अस्पताल का संचालन कर पाना संभव नहीं है। फिलहाल अस्पताल को बंद कर दिया गया है। - डीके शर्मा, प्रबंधक इंजीनियर, सीतापुर नेत्र चिकित्सालय यूपी