। बिना पूर्व सूचना के जिले से बाहर जाने पर डीएम ने जिला पर्यटन अधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी और उरेडा के परियोजना अधिकारी का वेतन रोकने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को बिना उनकी पूर्व अनुमति के अवकाश लेकर जिले से बाहर नहीं जाने की सख्त हिदायत दी है।
बता दें कि डीएम रंजना ने पूर्व में किसी भी अधिकारी को बिना उनकी अनुमति के जिले से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए थे। सोमवार को ईको टूरिज्म से संबंधित बैठक में डीएम रंजना को जब जिला पर्यटन अधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी और उरेडा के परियोजना अधिकारी का जिले के बाहर होने की जानकारी मिली तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए तीनों अधिकारियों का वेतन रोकने के आदेश दे दिए। डीएम का कहना है कि सीडीओ की तरफ से सभी अधिकारियों को बैठक के संबंध में सूचना दी गई थी। इसके बावजूद अधिकारी जिले से बाहर चले गए। डीएम ने कहा है कि बिना पूर्व अनुमति के आकस्मिक अवकाश पर जिले से बाहर जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अनुमति के बाद ही कार्यमुक्त करें अधिकारी
बागेश्वर। डीएम रंजना ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उनकी अनुमति के बगैर किसी भी स्थानांतरित अधिकारी और कर्मचारी को कार्यमुक्त नहीं करें। कहा कि स्थानांतरण आदेश जारी होने पर संबंधित विभाग के आहरण-वितरण अधिकारी द्वारा कोषागार से ऐसे कार्मिकों का अंतिम वेतन पर्ची बगैर उनके अनुमोदन के जारी किए जा रहे हैं। इस पर डीएम ने आपत्ति जताते हुए आहरण-वितरण अधिकारियों को कार्य हित को देखते हुए उनसे पूर्व अनुमोदन प्राप्त किए बगैर किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को कार्यमुक्त नहीं करें। उन्हें कोषागार से भी अंतिम वेतन पर्ची निर्गत भी नहीं की जाए। ब्यूरो