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कुकुड़ामाई और मालता के जंगलों में लगी आग

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बागेश्वर में कुकुड़ामाई के जंगल में लगी आग को बुझाते वन कर्मी। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले में जंगलों के जलने का सिलसिला जारी है। कुकुड़ामाई और मालता के जंगलों में आग लगने से वन संपदा को नुकसान हुआ। वनाग्नि काल में जिले के जंगलों के जलने की 166 घटनाएं हो चुकी हैं। आग से अब तक 236.78 हेक्टेयर जंगल जल गया और करीब 7.18 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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तापमान बढ़ने के साथ ही वनों के जलने की रफ्तार में भी तेजी आ रही है। एक जून से लगातार जंगल आग की चपेट में आ रहे हैं। बृहस्पतिवार की रात को कुकुड़ामाई और मालता के जंगलों में भीषण आग लगी। जंगल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीमों ने मौके पर जाकर आग को काबू किया। लगातार वनों के जलने से जिला मुख्यालय में धुआं फैलने लगा है। तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं आग से वन संपदा नष्ट होती जा रही है। लोगों ने आग की घटनाओं में तेजी आने पर वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई है।
इधर, रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि कुकुड़ामाई के जंगल में बिजली की लाइन में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी। कहा कि ऊर्जा निगम की लाइनों से वनाग्नि की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऊर्जा निगम को लिखित पत्र देने के बाद भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। वहीं, कुछ जंगलों को लोग घास के लालच में आग लगा रहे हैं। ऐसे लोगों पर विभाग नजर रख रहा है। उन्होंने सभी लोगों से वनों को बचाने में विभाग का सहयोग करने की अपील की है।
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आवासीय परिसर तक पहुंची जंगल की आग
बागेश्वर। शुक्रवार को चंडिका मंदिर के समीप जंगल में लगी आग आवासीय परिसर के करीब तक पहुंच गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची फायर सर्विस की टीम ने आग पर काबू पाया। चंडिका मंदिर के पास सरकारी अधिकारियों के आवास बने हैं। जंगल में लगी आग हवा के तेज वेग से परिसर की ओर तेजी से बढ़ रही थी। हालांकि समय रहते फायर सर्विस की टीम ने आग को काबू कर लिया और किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। संवाद
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