बागेश्वर-दफौट सड़क चंडिका मंदिर के समीप बनी तल्लैया।
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आपदा की मार से जिले में पांच और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। एक गोशाला भी क्षतिग्रस्त हुई। दूसरी ओर पखवाड़े भर से बंद दो सड़कों ने ग्रामीण अंचलों की मुश्किलें और बढ़ाई। सड़कें लगातार बंद रहने से प्रभावित गांवों में रोजाना के सामान की किल्लत भी झेलनी पड़ी।
सोमवार रात हुई भारी बारिश के कारण बागेश्वर की माल रोड पर उल्का मंदिर के पास दिनेश सिंह परिहार के मकान पर नीलेश्वर पहाड़ी से बोल्डर गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। दुग बाजार में कैलाश चंद कांडपाल जबकि पंद्रहपाली में प्रकाश राम का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।
कपकोट तहसील के पोथिंग में गोकुलानंद और दयाल सिंह का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बैड़ा मझेड़ा में महेश भट्ट की गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। राजस्व कर्मियों ने मौका मुआयना कर नुकसान का आकलन किया। दूसरी ओर मंगलवार को भी धरमघर-माजखेत और बैड़ामझेड़ा-जारती सड़कें बंद रही। लगातार एक पखवाड़े से सड़कें बंद रहने से ग्रामीण यातायात सेवा से वंचित रहे।
बागेश्वर-दफौट सड़क तालाब में बदली
कार्यदायी संस्था की लापरवाही से दफौट सड़क तालाब में तबदील हो गई है। कल्वर्ट बंद होने से बारिश का पानी सड़कों पर भर गया है। इससे वाहन चालकों को आवाजाही में मुश्किल और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क पर कई स्थानों पर कलमठ बंद हैं।
मानसून सीजन होने के बावजूद कार्यदायी संस्था ने कल्वर्ट खोलने की ओर ध्यान नहीं दिया। इसके चलते सड़क पर स्थानों पर तालाब और तलैया बनने की नौबत आई। बहरहाल सड़क में गड्ढों और भरे पानी के बीच से सफर करना मजबूरी बना है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सड़क की जल्द मरम्मत की मांग की है।