बागेश्वर। महिलाएं अब हुनरमंद बनकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। सरकार की ओर से मिलने वाली निशुल्क योजनाएं महिलाओं को स्वावलंबी बनने में मदद कर रही हैं। कई महिलाएं प्रशिक्षण लेने के बाद अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की राह दिखा रही हैं।
जिले की दो महिलाएं रेखा देवी और अनीता टम्टा का नाम भी ऐसी ही महिलाओं में शुमार हो गया है। 8-10 साल पहले आरसेटी से प्रशिक्षण हासिल करने वाली अनीता टम्टा और रेखा देवी आज इसी संस्थान में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्यरत हैं। अनीता ने साल 2016 में जबकि रेखा देवी ने 2018 में आरसेटी में सिलाई और खिलौने बनाने का काम सीखा।
प्रशिक्षण के बाद उन्होंने ट्रेनर की परीक्षा पास की और मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित हो गईं। शुरूआत में उन्होंने जिले में लगने वाले शिविरों में प्रशिक्षण दिया। परिपक्व होने के बाद अब उन्हें जिले और प्रदेश से बाहर जाकर भी सिखाने का मौका मिल रहा है। दोनों महिलाएं जम्मू कश्मीर, बिजनौर, सहारनपुर, उत्तरकाशी, देहरादून, अल्मोड़ा, पंतनगर आदि जगहों में ट्रेनिंग देने के लिए जा चुकी हैं।