अमर उजाला अपराजिता मुहिम के अंतर्गत पुलिस ने केंद्रीय विद्यालय कौसानी के विद्यार्थियों को बताया कि यदि कोई फेसबुक पर अश्लील टिप्पणी करे तो पुलिस को सूचना दे। ऐसे मेसेज पर चुप नहीं रहना चाहिए।
छात्र छात्राओं को कानूनी जानकारी देने के लिहाज से अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय है। इससे बच्चों को उपयोगी जानकारियां मिलती हैं। - सुकृति अग्रवाल, शिक्षिका
समाज में अभी भी बेटा बेटी के प्रति भेदभाव है। जो कि उचित नहीं है। ऐसे ही जागरूकता के कार्यक्रमों से इसे रोका जा सकता है। - सपना, शिक्षिका
सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल से बच्चों को बचाना जरूरी है। सोशल मीडिया से काफी जानकारी तो मिलती हैं, लेकिन गलत इस्तेमाल बच्चों को अपराधी भी बना सकता है। - सपना, शिक्षिका
अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से हमें कानून की काफी जानकारी मिली। पुलिस ने हमें एफआईआर लिखने सहित साइबर क्राइम के बारे में बताया। - सीमा राना, छात्रा
छेड़छाड़ व अन्य अपराधों से निबटने में पुलिस की सहायता कितनी जरूरी है। आज के कार्यक्रम से हमें यह पता चला। पुलिस हमें काफी मदद कर सकती है। - सुनीता खाती, छात्रा
अपराजिता के तहत चलाए जा रहे जागरूकता के कार्यक्रम सराहनीय हैं। इससे छात्र छात्राओं को उपयोगी जानकारी मिल रही है। भेदभाव रहित समाज की कल्पना जरूर साकार होगी। - बबलू नेगी, व्यापारी