मंगलवार रात जिले के अलग-अलग हिस्सों में पांच से साढ़े सात एमएम तक बारिश रिकार्ड की गई। जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। खाती, बाछम, तोली आदि गांवों में आधा फीट तक हिमपात हुआ है। हिमपात के कारण सुबह के समय कुछ सड़कों पर यातायात बाधित रहा।
मंगलवार शाम साढ़े सात बजे से देर रात तक जिले में बारिश हुई। कपकोट तहसील के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित गांवों खाती, बघर, ढोकटी, कर्मी, बदियाकोट, वाछम, तोली, लोहारखेत आदि गांवों में हिमपात भी हुआ। हिमपात के कारण सुबह के समय सामा-लीती और कर्मी-बदियाकोट व वाछम सड़कों में यातायात बाधित रहा।
बर्फ पिघलने के बाद यातायात सामान्य हो गया। वहीं, बुधवार सुबह भी बादल छाए रहे। दोपहर तक तेज धूप खिल गई। बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम खुशनुमा हो गया है। लोगों ने बुधवार को गुनगुनी धूप का आनंद लिया।
फसलों के लिए भी मुफीद होगी बारिश
लंबे समय बाद बारिश होने से किसानों को भी फसलों में सुधार की उम्मीद जगी है। इस साल सूखे जैसे हालात होने के कारण असिंचित क्षेत्रों में बुवाई के बाद बीज अंकुरित ही नहीं हो पाया। जो पौधे उगे नमी के कारण उनका बढ़ना रुक गया। इससे किसान मायूस थे। फसलों के पूरी तरह से बरबाद होने की आशंका जता रहे किसानों में बारिश से फिर से फसलों में सुधार होने की उम्मीद जगी है।
मुख्य कृषि अधिकारी विजय प्रकाश मौर्या के अनुसार फसलों के लिए बारिश अच्छी है। अब तक सूखे के कारण मुरझा रहे पौधों में फिर से ग्रोथ होगी। अगले कुछ दिनों में फिर से बारिश होगी तो फसलों में अच्छा सुधार होगा।