बागेश्वर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएमडी दानिश की अदालत ने कांडा थाना क्षेत्र के चर्चित नाबालिग हत्याकांड के मामले में आरोपी पिता को दोषमुक्त करार दिया है। गर्भवती नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने शव को दफना दिया था। तत्कालीन एसपी रचिता जुयाल ने मामले का संज्ञान लिया था। तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट रंजना राजगुरु के आदेश पर जमीन में गड़ा शव निकाला गया था। पोस्टमार्टम में मृतका के गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। मामले में पुलिस ने मृतका के पिता को गिरफ्तार किया था।
नौ जुलाई 2020 को कांडा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने कांडा थाने में दी तहरीर में कहा था कि उसकी बड़ी लड़की अपने दादा के साथ अन्य गांव में रहती थी। उसकी दादी उसे अस्पताल ले गई थी। जांच में उसके गर्भवती होने का पता चला। सात जुलाई 2020 की रात को मृतका के दादा का फोन आया कि नाबालिग ने आत्महत्या कर ली है। आठ जुलाई को मृतका के पिता और दादा ने गांव के लोगों की मदद से मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया।
एफआईआर में कहा गया था कि मृतका नाबालिग थी, उसके साथ किसी व्यक्ति ने नाजायज संबंध बनाए थे। तहरीर के आधार पर कांडा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 306 और 5/6 पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। नौ जुलाई को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने जमीन में गड़ा शव निकाला गया। मृतका के गर्भ में भ्रूण पाए गए। भ्रूण परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए।
पुलिस ने मृतका के पिता को हत्या में संलिप्त बताते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने 20 गवाह अदालत में पेश किए। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपी की ओर से प्रस्तुत तर्कों के आधार पर उसे आरोपों से दोषमुक्त करार दिया। मामले में आरोपी की ओर से पैरवी अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने की। फिलहाल आरोपी विचारण जमानत पर था।