कपकोट (बागेश्वर)। ग्राम पंचायत कपकोट में आयोजित स्याल्दे विखोती मेले का रविवार रात रंगारंग समापन हो गया। कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से मेलार्थियों को थिरकने को मजबूर कर दिया।
मेलार्थी मां सरस्वती म्यूजिक एवं डांस एकेडमी के कलाकारों ने अपने गीतों की श्रृृंखला में ठंडो रे ठंडो मेरो पहाड़कि हवा पाणी... गीत, नृत्य पेश कर सभी को मस्त कर दिया। कार्यक्रम का शुुुुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम ने किया। उन्होंने कहा कि मेल मिलाप के प्रतीक मेलों से आपसी सद्भाव बढ़ता है।
रंगमंच स्यालडुंगरा में ब्लॉक प्रमुुख मनोहर राम ने कहा कि मेलों के आयोजन से भावी पीढ़ी को अपनी संस्कृति का बोध होता है। उन्होंने आयोजन की सराहना की और इसे अक्षुण्ण बनाए रखने को कहा। अपने कार्यक्रमों की शुुरुआत खोली को गणेशा हे... गाकर की।
कलाकारों ने सुणि ले दीदी सुुणि ले भुली य मेरी बाता.., ओ भिना कसिके जानूं द्वाराहाटा... समेत कई अन्य मनभावन गीतों का गायन किया। सांस्कृतिक कला मंच कर्मी के कलाकारों ने तेरो मेरा साथ छियो पैल जनम मां..., रौतली च्येलि बिजना वैं कोट क कौतिक... मां उमा हाइस्कूल के बच्चों ने ढोल बाजो ढम-ढम... कलाकार बबलू ऐठानी ने हिमा जाग हिमा जाग कांछू तेरो जलेबी डाब... बृजेश ऐठानी ने मनमोहक भांगड़ा डांस किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, संचालन गणेश कपकोटी ने किया।
वहां बीडीसी सदस्य तारा कपकोटी, मोहन सिंह, नंदन सिंह, राजेंद्र सिंह, नीरज, नारायण कपकोटी, बुजुर्गों में कल्याण ऐठानी, कल्याण कपकोटी, दीवान मेहता आदि थे। गांव के दूसरे हिस्से में मेलार्थियों ने चांचरी गीतों में शिखर डाना घाम लागि र छोड़ि दे भिना मेरि धपेेलि..., काफली तू पाकलि कब... समेत कई अन्य पारंपरिक गीतों का गायन किया। नगर पंचायत के कपकोट बाजार वार्ड के तिरुवाण के कालिका मंदिर परिसर में बाली कुसुुमा के गीत, पारंपरिक चांचरियों के गीतों का गायन किया।