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अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की कवायद शुरू

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Exercise for appointment of guest teachers started
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बागेश्वर। आखिरकार शिक्षा विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने की दिशा में कदम बढ़ा ही दिए हैं। मुख्य शिक्षाधिकारी ने वर्ष 2015 से 2018 तक सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षक के तौर पर कार्य करने वाले अतिथि शिक्षकों की तैनाती के लिए काउंसिलिंग कराने का फैसला लिया है।
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राजेश धामी बनाम उत्तराखंड राज्य की याचिका का निस्तारण करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने 14 जनवरी 2020 को आदेश जारी कर वर्ष 2015 से 31 मार्च 2018 तक सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षक के तौर पर कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी स्कूलों में तैनात करने के निर्देश दिए थे। आदेश के परिपालन में बागेश्वर जिले में शिक्षा विभाग ने 17 सितंबर तक अतिथि शिक्षकों से आवेदन मांगे थे लेकिन तैनाती के लिए काउंसिलिंग नहीं कराई। इस पर नाराजगी जताते हुए अतिथि शिक्षकों ने तमाम मंचों पर इस मामले को उठाया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से गुहार लगाई। आखिरकार प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी पदमेंद्र सकलानी ने बुधवार को अतिथि शिक्षकों की काउंसिलिंग कराने का फैसला लिया।
प्रभारी सीईओ के मुताबिक 31 मार्च 2018 तक कार्य करने वाले अतिथि शिक्षकों की सहायक अध्यापक एलटी और प्रवक्ता के रिक्त पदों पर तैनाती की जानी है। आवेदक अभ्यर्थियों की मेरिट के आधार पर काउंसिलिंग की जाएगी। बताया कि आवेदन पत्र में दिए गए विवरण के सत्यापन के लिए वर्ष 2015 का अनुबंध पत्र, संबंधित अभिलेख, मूल शैक्षिक/प्रशिक्षण अंक पत्र, प्रमाण पत्र और अन्य सभी प्रमाण पत्रों के साथ अभ्यर्थियों को एक दिसंबर को सुबह 10.30 बजे सीईओ कार्यालय में बुलाया गया है। अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग मेरिट के आधार पर समिति द्वारा की जाएगी। कहा है कि यदि कोई अभ्यर्थी उक्त तिथि को उपस्थित नहीं होता है तो उसके बाद उसका दावा मान्य नहीं होगा।
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