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नौ दिन बाद भी कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग पर सुचारु नहीं हुआ यातायात

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कपकोट के मिकिलाखपलट्टा को जाने वाली क्षतिग्रस्त पुल से गुजरते पूर्व विधायक और अन्य। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग पर नौ दिन बाद भी यातायात सुचारु नहीं हो सका है। पुलिया ध्वस्त होने से सड़क बंद है। इस कारण पिंडर घाटी की करीब पांच हजार की आबादी को आवाजाही में परेशानी हो रही है। वहीं दो अन्य मोटर मार्गों पर भी यातायात ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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कपकोट के ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। 18 जुुलाई को हुई भारी बारिश के बाद कपकोट-कमी मोटर मार्ग पर सापुली गधेरे पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से मार्ग पर यातायात बाधित है। क्षेत्र भ्रमण पर गए पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने क्षतिग्रस्त पुल का जायजा लेकर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल्द पुल की मरम्मत कराने की मांग की है। इधर मंगलवार को गरुड़-देवनाई और कंधार-लोहागढ़ी मोटर मार्गों पर भी यातायात ठप रहा। तीन सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित है।
मिकिलाखलपट्टा को जोड़ने वाले पुल की नहीं हुई मरम्मत
बागेश्वर। मानसूनी बारिश में ध्वस्त मिकिलाखलपट्टा गांव को जोड़ने वाले पैदल पुल की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बारिश के कारण पुल का एक अपरमेंट टूट गया और पुल अपने स्थान से खिसककर नीचे जा गिरा। ग्रामीण क्षतिग्रस्त पुल से ही आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। क्षेत्रीय भ्रमण पर गए पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि जल्द पुल की मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। पुल क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
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बारिश के बाद बंद मोटर मार्गों को खोलने का काम चल रहा है। पैदल पुल की मरम्मत के लिए भी संबंधित विभाग कार्यरत है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। - शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर
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