ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की परामर्शदात्री समिति की बैठक में पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अधिक से अधिक संसाधन जुटाने पर जोर दिया गया। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में सुधार पर भी चर्चा की गई।
डीएम भूपाल सिंह मनराल ने आरसेटी के निदेशक से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी युवाओं को रोजगार से जोड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य तभी सफल होगा, जब शत-प्रतिशत युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए।
विधायन चंदन राम दास ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बैंकों से लोन दिलाने की दिशा में भी प्रयास करने होंगे। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर भी बैंकों की शाखाएं खोलने पर जोर दिया।
आरसेटी के निदेशक कश्मीर साहनी ने बताया कि ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युुुवकों को प्रशिक्षण देने के बाद स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि जिले में चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 3123 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
जिला अग्रणी बैंक अधिकारी एनएल आर्या ने लोन जमा अनुपात सहित जिले में चल रही योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में संस्थान के राज्य स्तरीय परियोजना समन्वयक केसी शर्मा ने भी अपने विचार रखे।
बैठक में जिला विकास अधिकारी डॉ. महेश कुमार सहित जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, जिला पर्यटन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।