बारिश के कहर से कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर सड़क का 70 मीटर हिस्सा बह गया। इससे सरयू घाटी का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। 60 से अधिक वाहन खड़े होने से टैक्सी संचालकों और चालकों की रोजीरोटी प्रभावित हो गई है।
बारिश के कहर से कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर सड़क का 70 मीटर हिस्सा बह गया। इससे सरयू घाटी का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। 60 से अधिक वाहन खड़े होने से टैक्सी संचालकों और चालकों की रोजीरोटी प्रभावित हो गई है। लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए पैदल चलना पड़ रहा है। मंगलवार की रात को हुई बारिश - के दौरान कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर सड़क के तीन किमी माइलस्टोन पर भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी के दरकने से सड़क पूरी नदी में समा गई। इसके अलावा भी तीन अन्य स्थानों पर मलबा आने से सड़क को नुकसान हुआ है।
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पिंडारी टैक्सी यूनियन के सचिव मोनू कुमल्टा, टैक्सी संचालक लोकपाल टाकुली, पूरन मटियानी, गोविंद पांडा, विक्रम पांडा, यशपाल, महेश, चंदन आदि ने बताया कि जगह-जगह सड़क बंद होने से 60-65 गाड़ियां फंसी हुई हैं।
क्षेत्र से रोजाना हल्द्वानी, बागेश्वर, अल्मोड़ा आदि को चलने वाले वाहन खड़े होने से वाहन मालिकों को 1000 से 4000 रुपये रोज का नुकसान हो रहा है। अधिक समय तक सड़कों के बंद रहने से बैंक की किश्त, चालकों का वेतन और वाहनों के रखरखाव का खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।
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पहाड़ी चढ़कर आवाजाही कर रहे लोग
तहसील क्षेत्र में कई सड़कों के बंद होने से लोग भूस्खलन वाले स्थान से पहाड़ चढ़कर आरपार पैदल चलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई सड़कों पर मलबा आने के से आवाजाही बाधित हो रही है। भूस्खलन वाली जगहों पर पहाड़ से होकर आरपार जाना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोग जोखिम उठाकर भूस्खलन वाली जगह को पार करने को मजबूर हैं।
पहाड़ी का बड़ा हिस्सा गिरने के कारण सड़क को काफी नुकसान हुआ है। सड़क के इस हिस्से को खोलने में चार से पांच दिन का समय लग सकता है। - अंबरीश रावत, ईई, पीएमजीएसवाई कपकोट