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Bageshwar News: अतिवृष्टि से मलबा और पानी धारबगड़ के घरों में घुसा

Sat, 09 Aug 2025 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र के महरपाली और शांति बाजार क्षेत्र में बृहस्पतिवार की रात भारी बारिश हुई। अतिवृष्टि के दौरान पाटली गांव के धारबगड़ तोक में गधेरे से आया पानी और मलबा घुस गया। गधेरे का बहाव तेज होने से ग्रामीण दहशत में आ गए। लोगों ने एक-दूसरे के सहारे बाकी रात गुजारी।
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पाटली के ग्राम प्रधान नंदन राम ने बताया कि धारबगड़ तोक में आठ परिवार रहते हैं। रात करीब ढाई बजे अचानक गांव के पास गधेरे में तेज आवाज के साथ पानी आया तो लोग जाग गए। पानी गधेरे की सीमा को पार करते हुए घरों में घुसने लगा था। गधेरे के पास रहने वाले लोग घर छोड़कर पड़ोस में चले गए।
बाकी लोगों ने भी एक ही जगह पर आकर किसी तरह रात गुजारी। उन्होंने बताया कि बारिश से गोविंद राम का मकान सबसे अधिक खतरे की जद में है। कैलाश राम के मकान को भी खतरा है। करीब छह नाली उपजाऊ खेत भी मलबे में दब गए हैं।
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कुड़खेत की पुलिया क्षतिग्रस्त, भूस्खलने से कई पेड़ उखड़ गए
कटारमल गांव के प्रधान देवेंद्र मेहरा ने बताया कि बारिश के दौरान कुड़खेत गांव को जोड़ने वाली पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। शांति बाजार क्षेत्र में भी भारी बारिश हुई है। गांवों के पैदल रास्ते बारिश की भेंट चढ़ गए हैं। नौटा गांव के गणेश जोशी ने बताया कि शांति बाजार से ऊपरी क्षेत्र के जंगल में चीड़ के कई पेड़ भूस्खलन से उखड़ गए हैं।


सड़कें बंद होने से 30 से अधिक वाहन भी फंस गए
बागेश्वर। बारिश से धैना-लखनी सड़क चार-पांच जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। पाटली क्षेत्र में सड़क को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। सड़क बंद होने से लखनी, धैना, नौटा, कटारमल, सिलिंगवाड़ी, नौघर, डोबा आदि गांवों का संपर्क कट गया है। करीब 30 टैक्सी वाहन गांवों में फंसे हैं।
शुक्रवार को गरुड़ के स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी भी नहीं जा सके। प्रधान देवेंद्र बताते हैं कि सड़क के कलवर्ट की सफाई की गई होती तो आपदा जैसे हालात नहीं बनते। सड़क को भी नुकसान नहीं होता। बताया कि बारिश का पानी निर्जन स्थानों की ओर बहने से बड़ा खतरा होने से बच गया। अगर पानी आबादी की ओर जाता तो हालात अधिक बुरे हो सकते थे। बारिश से गरुड़ के मटेना-जिनखोला लिंक मार्ग को नुकसान हुआ है। क्षेत्र पंचायत सदस्य भावना खुल्बे ने बताया कि खेत मलबे से पट गए हैं। रास्ता टूटने से ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।


कोट
गरुड़ क्षेत्र में बारिश ने कई गांवों में घरों के आंगन, सड़क, पैदल रास्ते और पुलियाओं को नुकसान पहुंचाया है। राजस्व विभाग की टीम गांवों में जाकर नुकसान का सर्वे कर रही है। धैना-लखनी और सिल्ली-मटेना सड़क को खोलने का काम चल रहा है। - निशा रानी, तहसीलदार, गरुड़


गरुड़ में 51 और कपकोट में 45 मिमी बारिश
बागेश्वर। गरुड़ में बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार तक 51 मिमी और कपकोट में 45 मिमी बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर विकासखंड में 10 मिमी मेघ बरसे। बारिश के दौरान सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर भी बढ़ा रहा। सरयू नदी का जलस्तर 866.50 और गोमती का 863.95 मीटर रहा। संवाद



14 घरों के आंगन टूटे, एक गोशाला भी हुई क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। बारिश से लोगों के घरों और आंगन को नुकसान हो रहा है। गरुड़ तहसील क्षेत्र के सिल्ली गांव निवासी महेश चंद्र पुत्र धनी राम के आवासीय मकान की दीवार को गधेरे के तेज बहाव से नुकसान हुआ है। मकान खतरे की जद में है। मल्ला भेटा के अनिल कुमार लोहुमी, पाये की प्रेमा पांडेय, सिमपुर के गाेविंद सिंह, भगरतोला के कैलाश सिंह, सिल्ली के शंकर दत्त जोशी, बबलू पांडेय, कोटुली की सुनीता देवी के आवासीय घरों के आंगन बारिश की भेंट चढ़ गए हैं।
बागेश्वर तहसील के कठायतबाड़ा में इंद्रा देवी की गोशाला, खुशाल राम, मंडलसेरा की धनुली देवी, नाघरसाहू के सूर्यनारायण सिंह, पल्सों के कुंदन सिंह, कपकोट के वाछम निवासी लाल सिंह और काफलीगैर तहसील क्षेत्र के सिया निवासी सरस्वती देवी के घर के आंगन टूट गए हैं। मझेड़ा निवासी प्रदीप चंद्र पुत्र स्व. हीराबल्लभ पाठक के आवासीय भवन को भूस्खलन से खतरा होने पर परिवार को अन्यत्र शिफ्ट होने को कहा गया है।

कोट
बारिश के दौरान हुए नुकसान का राजस्व विभाग की टीमें निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। बंद सड़कों को खोलने का काम तेज गति से चल रहा है। मौसम को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। - शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर
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