आपदा की मार से बागेश्वर में एक मकान जमींदोज हो गया है। जबकि कांडा में एक मकान ढहने की कगार पर है। बारिश के बीच जिले में और आठ आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रभावित इन क्षतिग्रस्त मकानों में खौफ के साये में रहने को मजबूर हैं।
बागेश्वर के ग्वाड़ गांव में हयात सिंह का मकान गिर गया। यह मकान इससे पहले हुई अतिवृष्टि में आंशिक क्षतिग्रस्त हुआ था। मनकोट में हरीश चंद्र का आवासीय भवन, गरुड़ के तल्ली नौकुड़ी गांव में जगदीश प्रसाद का मकान और काफलीगैर के नंदी गांव में कुंती देवी पत्नी जौसद सिंह का मकान और खांकर के भटखोला गांव में महेश लाल का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। इधर, कपकोट के असों के गांव सिमतोली में दीवान सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। रिखाड़ी गांव में जशोदा देवी का दो मंजिला मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हो गया। धौलांणी में फकीर राम पुत्र मदन राम का दो मंजिला मकान क्षतिग्रस्त हो गया। गोविंद राम के मकान में दीवार क्षतिग्रस्त हो गई और आंगन क्षतिग्रस्त हो गया। पूर्व उप प्रधान महिमन कपकोटी ने प्रशासन से प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की।
उधर, कांडा तहसील के झांकरा में ख्याली राम का दो मंजिला मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ग्राम प्रधान गिरीश जोशी ने प्रभावितों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है।
जिले में चार सड़कें बंद, हजारों परेशान
बागेश्वर। बारिश के बीच जिले में चार मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। मार्गो पर आवाजाही ठप होने से दर्जनों गांवों की हजारों आबादी परेशान है। शनिवार को कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर मोटर मार्ग, भयू-गुलेर मोटर मार्ग, कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग, खड़लेख-भनार मोटर मार्ग बंद रहे। इन मार्गों पर जगह-जगह भारी मलबा आया है। यातायात बंद होने से ग्रामीणों के सामने आवाजाही का संकट खड़ा है। सड़क संपर्क भंग होने से लोग गांव में ही कैद हो गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि कार्यदायी संस्थाएं मार्ग खोलने में जुटी हैं। ब्यूरो
तार टूटे, बिजली ठप
बागेश्वर। बारिश और पेड़ गिरने से बिजली लाइनों को खासा नुकसान पहुंचा है। जगह-जगह पेड़ की टहनियां टूट कर लाइनों पर जा गिरी। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बागेश्वर में मंडलसेरा, लोनिवि, कठायतबाड़ा, जोशी गांव आदि इलाकों में बिजली के तार टूट गए। इससे बाजार और कठायतबाड़ा, स्टेशन रोड में बिजली ठप हो गई। ब्यूरो
रेखाड़ी में आपदा का खतरा
बागेश्वर। आपदा से प्रभावित रेखाड़ी गांव फिर से खतरे की जद में आ गया है। गांव में भूस्खलन से कई आवासीय भवन खतरे में हैं। शासन-प्रशासन अभी तक प्रभावितों के विस्थापन और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं कर पाया है। रेखाड़ी के बाशिंदों ने खतरा जताते हुए प्रशासन से जल्द पुनर्वास की मांग की है।
प्रदर्शन कर मांगा मुआवजा
बागेश्वर। गरुड़ के डंगोली में पिछले मानसून मेें क्षतिग्रस्त मकान की एवज में अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। प्रभावित ने डीएम से मुआवजे की मांग की है। शनिवार को प्रभावित ने डीएम से मिलकर मुआवजे की मांग की है। मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावित ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन भी किया। ब्यूरो