एक ओर जहां पूरी दूनिया कोरोना की दहशत में जी रही है, वहीं चिकित्सक कोरोना संक्रमितों के बीच रहकर दिनरात उनकी सेवा में लगे हैं। चिकित्सकों की मेहनत का फल ही है कि लाखों मरीज कोरोना से ठीक हो रहे हैं। जिला अस्पताल में तैनात फिजिशियन सैय्यद अहमद अब्बास उन्हीं चिकित्सकों में शामिल हैं जो अपनी परवाह किए बगैर कोरोना काल में लगातार संक्रमितों की देखरेख और सेवा कर रहे हैं। उनकी मेहनत और सेवा से सैकड़ों मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं।
मूलरूप से रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर निवासी डॉ. अब्बास कोरोना की शुरूआत से ही संक्रमण की रोकथाम में योगदान दे रहे हैं। वह अपनी पत्नी, बच्चों से दूर, कोविड मरीजों की सेेवा में पूरे तन, मन से सहयोग कर रहे हैं। कोविड मरीजों के इलाज के अलावा मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी भी उनके पास है। वह कहते हैं कि इस मुश्किल घड़ी में उनका परिवार लगातार हौसला बढ़ाकर सहयोग दे रहा है।
पिछले साल से लगातार ड्यूटी चल रही है। कभी रात-दिन भी काम करना पड़ता है लेकिन यह काम का हिस्सा है। कोविड मरीज का मनोबल बढ़ाना, उसे लगातार उत्साहित करना और नकारात्मक विचारों को उसके मन से निकालने से मरीज जल्दी रिकवर होता है। महामारी में घबराने की नहीं, वरन हिम्मत के साथ बीमारी का मुकाबला करने की जरूरत है। वह कहते हैं कि कोरोना से अचानक किसी की मृत्यु नहीं होती है। कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर जांच करानी चाहिए। जांच कराने से घबराने पर बीमारी जानलेवा हो सकती है। अगर किसी में लक्षण हैं और वह जांच से बच रहा है तो वह अपने साथ कई अन्य लोगों का जीवन भी दांव पर लगा देता है।
कोरोना काल में अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी जी जान से संक्रमण की रोकथाम के लिए काम कर रहे हैं। इस महामारी की रोकथाम में प्रत्येक को सहयोग देना होगा। गाइडलाइन का पालन करके लोग अपना योगदान दे सकते हैं। एकजुट होकर मुकाबला करने से ही कोरोना से जंग में जीत मिलेगी। डॉ. सैय्यद अहमद अब्बास, फिजिशियन, जिला चिकित्सालय, बागेश्वर।