भारतीय स्टेट बैंक के तत्वावधान में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति और सह जिला सलाहकार एवं समन्वय समिति की बैठक विकास भवन सभागार में संपन्न हुई।
जिलाधिकारी भूपाल सिंह मनराल ने बैंकों को निर्देश दिए कि वह स्वरोजगार के ऋण आवेदनों पर समय से कार्रवाई करें और ऋण जमा अनुपात बढ़ाने का प्रयास करें।
बैंक अधिकारियों की बैठक में जिलाधिकारी ने जन-धन योजना सहित सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए गंभीरता के साथ काम करने के निर्देश दिए।
स्वरोजगार के लिए वांछित सहायता समय पर मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने फसली बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड के बारे मेें भी जानकारी दी।
जिला अग्रणी बैंक अधिकारी एनएल आर्या ने बताया कि 2015-16 में वार्षिक ऋण योजना के अतर्गत 131.57 करोड़ का लक्ष्य था अभी तक 21.34 का वित्त पोषण हुआ है, जो साल भर की योजना का 16 प्रतिशत है।
जून तक बैंकों का ऋण जमा अनुपात 27 प्रतिशत रहा। मानकों के अनुसार इसे 40 प्रतिशत होना चाहिए था। उन्होंने बताया कि जिले में दो हजार से कम जनसंख्या वाले गांवों की संख्या 448 है। इनमें मित्र बैंकिंग की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
बैठक में नावार्ड के जिला प्रबंधक बीएस बिष्ट, एसबीआई शाखा के मुख्य प्रबंधक तुलसी बत्रा, ऋण प्रबंधक एनएस कबडवाल, संजीव कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने विकास भवन सभागार में एसबीआई के आरसेटी की अलग से बैठक ली। उन्होंने बैंक के माध्यम से चल रही स्वरोजगार प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी और आम लोगों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। आरसेटी के निदेशक कश्मीर साहनी से प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विवरण रखा।