दोबाड़ गांव में हुई भारी बारिश से दो मकान पूर्ण और तीन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्राम प्रधान ने तहसील प्रशासन से प्रभावितों को अधिक से अधिक मुआवजा देने की मांग की है।
भारी बारिश से दोबाड़ ग्राम पंचायत के खुशहाल सिंह और बलपा देवी पत्नी चंचल सिंह का दो मंजिला मकान जबकि भीम सिंह पुत्र देव सिंह और लोकपाल सिंह पुत्र कल्याण सिंह का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
भारी बारिश से उफनाए गधेरों में बहकर आया मलबा मदन सिंह, जय सिंह, भजन सिंह, विक्रम सिंह, रणजीत सिंह के उपजाऊ खेतों में मलबा भर गया है।
ग्राम प्रधान जानकी देवी ने तहसील प्रशासन से प्रभावितों को अधिक से अधिक मुआवजा देने और मलबा हटाने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने की मांग की है।
उधर ढोक्टीगांव के ईजरो तोक में भूस्खलन के कारण शरण बघर ढोक्टीगांव पैदल रास्ता और पेयजल योजना ध्वस्त हो गए हैं।
भाजयुमो के ब्लाक अध्यक्ष राजू दानू और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त योजनाओं का शीघ्र पुनर्निर्माण करने और कपकोट कर्मी सड़क की हालत शीघ्र सुधारने के लिए कार्रदायी संस्था को सख्त निर्देश देने की मांग की है।
मांग करने वालों में मोर्चे के उपाध्यक्ष महेश बघरी, प्रवीण फर्स्वाण, शेर सिंह बिष्ट, महिपाल दानू, चंदन दानू और गुलाब राम आदि शामिल हैं।
तीन दिन से हो रही बारिश के कारण सल्ट ब्लाक के पितना और गेल्वाडांडा ग्राम पंचायत में गत रात्रि दो दुमंजिला मकान ध्वस्त हो गए। परिजनों ने घर के भीतर से भागकर अपनी जान बचाई।
लगातार हो रही बारिश से पितना गांव में लछम सिंह पुत्र मुरसिंह का दुमंजिला मकान गत रात्रि करीब 10 बसे भर भराकर ध्वस्त हो गया।
मकान की दीवार ढहने की भनक लगते ही परिजन घर से बाहर निकल आए, लेकिन घर का सारा सामान मलबे में दब गया।
उधर गेल्वाडांडा ग्राम पंचायत में उमराव सिंह पुत्र विजय सिंह का दुमंजिला मकान भी गत रात्रि करीब 9.30 बजे ध्वस्त हो गया है।
मकान की एक दीवार को ढहते देखते हुए परिजन बाहर निकल आए, लेकिन घर का सारा सामान मलबे में दब गया। दोनों परिवारों ने पड़ोसियों के वहां शरण ले रखी है।
पटवारी जगमोहन ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया। इधर मवलगांव तोक ननस्वाल बाखड़ी के 13 परिवारों को गांव के नीचे से हो रहे भूस्खलन से खतरा बना हुआ है। गांव वालों ने प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की मांग की है।
बारिश के कारण कई सड़कें बंद हैं। इस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण मौलेखाल-पितना, शशिखाल- मनैत सड़कें शुक्रवार की शाम से बंद पड़ी है।
ग्रामीणों का संपर्क कटा हुआ है। जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने बंद पड़े मार्गों को शीघ्र खुलवाने की मांग की है।
फरसाली के हितंग और पाकड़ तोक में बारिश के कारण जमीन धंस रही है। ग्राम प्रधान कविता गोस्वामी ने जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में कहा है कि जमीन धंसने का सिलसिला कई सालों से चल रहा है।
इसकी शुरुआत भयूं- गुलेर मोटर मार्ग के निर्माण के साथ हुई थी। भू धंसाव के कारण खेतों को नुकसान हो रहा है। भविष्य में इससे मकानों को भी खतरा हो सकता है। उन्होंने इस गांव में भू धंसाव रोकने के लिए ठोस उपाय करने की मांग की है।