बागेश्वर। आपदा के लिहाज से बागेश्वर जिला अति संवेदनशील है। यहां पर बरसात का मौसम हर साल आपदाएं लेकर आता है। जमीनें दरकने से जिले के 83 गांवों में खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद बागेश्वर जिले का आपदा विभाग एकमात्र वायरलेस सेट के भरोसे है। विभाग के पास वर्षा और तापमान मापने के उपकरण तक नहीं हैं। जिले के तीन स्थानों पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन की कार्रवाई भी भूमि चयन से आगे नहीं बढ़ सकी है। एक ओर आपदा से निपटने के लिए तमाम योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग को साधन संपन्न बनाने के साथ ही मौसम का पूर्वानुमान लगाने के लिए ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं लेकिन जिले में आपदा प्रबंधन विभाग में वर्षा मापी यंत्र, तापमान मापने के उपकरण तक मौजूद नहीं हैं।
विभाग के पास भेजा गया भूकंप मापी यंत्र भी तहसील में लगाया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग वर्षा, तापमान के आंकड़े सिंचाई विभाग से जुटा रहा है। बागेेश्वर जिले में इस समय आपदा प्रबंधन अधिकारी का पद खाली है। विभाग में मानकों के हिसाब से स्टाफ भी तैनात नहीं है। जिले के कपकोट में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन लगा है जबकि सामाधूरा, कांडा, कौसानी में स्टेशन स्थापित किए जाने हैं लेकिन अभी यह मामला भूमि चयन तक ही पहुंच सका है।