जुलूस निकालते राज्य आंदोलनकारी।
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने प्रमाण और परिचय पत्र देने की मांग को लेकर यहां जोरदार नारेबाजी के साथ जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। सभा में वक्ताओं ने प्रशासन पर उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत आंदोलनकारियों को प्रमाण और परिचय पत्र देने के बजाए उच्च न्यायालय के डबल बैंच में रिट दायर कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस मामले में आंदोलनकारियों को गुमराह किया है। सभा में तय किया गया कि प्रशासन मामले को कहीं भी पहुंचाए आंदोलनकारी न्याय के लिए कभी भी पीछे नहीं हटेंगे।
मंगलवार को आंदोलनकारी सर्वदलीय राज्य आंदोलनकारी कल्याण संघर्ष समिति के बैनर तले गोमती पुल के समीप जमा हुए और वहां से वह नारेबाजी करते तहसील प्रांगण पहुंचे। सभा में वक्ताओं ने कहा कि गत 18 दिसंबर को उच्च न्यायालय ने मामले का निस्तारण कर प्रशासन को राज्य आंदोलनकारियों को शीघ्र पहचान पत्र जारी करने का आदेश दिया था। प्रशासन ने आदेश की अवहेलना करके शासन के न्याय विभाग से अनुमति लेकर मामले को उच्च न्यायालय के डबल बैंच में पहुंचा दिया है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि इस मामले के उच्चत्तम न्यायालय तक जाने पर भी आंदोलनकारी लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे। तहसील अध्यक्ष कुंदन ऐठानी के नेतृत्व में आयोजित जुलूस, धरना प्रदर्शन में किशन सिंह दानू, किशन मलड़ा, धीरज जोशी, गोकुल जोशी, सलीम अहमद, नवीन जोशी, गिरीश ओली, प्रकाश जोशी, मोहन उप्रेती, रूप सिंह माजिला, दिनेश गुरुरानी आदि शामिल थे।