वन पंचायत संगठन की जिला इकाई की बैठक में लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने पर नाराजी जताई गई। बैठक में 2010 से रुके लीसा रॉयल्टी का भुगतान शीघ्र करने की मांग की गई। वनाग्नि सुरक्षा के लिए वन पंचायतों को शीघ्र उपकरण देने और वन पंचायतों को विकास के लिए पर्याप्त मात्रा में बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष पूरन सिंह रावल की अध्यक्षता में राधाकृष्ण मंदिर परिसर में हुई बैठक में वन विभाग से पंचायतों को लीसा रॉयल्टी का शीघ्र भुगतान करने, वनाग्नि दुर्घटनाओं में हताहत होने वालों को अधिक से अधिक मुआवजा देेने की मांग की गई। इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य वन संरक्षक और वन सचिव से वन पंचायतों को भी आग बुझाने के उपकरण देने की मांग उठाई। संगठन के अध्यक्ष और सचिव को भी बीडीसी की बैठकों में बैठने की अनुमति दी जाए।
वनों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय से प्राप्त निर्देेशों का पालन करने को कहा।
बैठक में कहा गया कि वनों को आग से बचाने में पंचायतें पूरा सहयोग करेंगी। बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो दो सप्ताह के बाद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। बैठक का संचालन महामंत्री नरेंद्र परिहार ने किया। वहां विशन सिंह बाछमी, मदन मेहता, नरेंद्र सिंह परिहार, गिरीश उप्रेती, हरीश जोशी आदि थे।