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गरीबी और लालच में अनजान को बेच दी बेटी

Sat, 10 Mar 2018 10:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  कपकोट/बागेश्वर।
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शादी का पूरा खर्च उठाने और बाकी बेटियों की शादी के इंतजाम के लालच में आकर एक गरीब मां ने 14 वर्षीय बेटी को अनजान लोगों के हाथों में सौंप दिया। पुलिस ने शादी के लिए किशोरी को अमरोहा ले जाने की तैयारी कर रहे दूल्हे के भाई, पिता और बिचौलिए की भूमिका निभाने वाली दूल्हे की भाभी सहित किशोरी की मां को दबोच लिया।

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पांचों के खिलाफ कपकोट थाने में आईपीसी की धारा 370 और 7/8 पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष यूआर आर्या के मुताबिक किशोरी का मेडिकल कराया जा रहा है। 

कपकोट पुलिस के पास शुक्रवार शाम दिल्ली से एक युवती का फोन आया, जिसमें युवती ने बताया कि कन्यालीकोट गांव में रहने वाली उसकी 14 वर्षीय बहन को शादी के लिए अमरोहा से आए कुछ लोग ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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सूचना पर थानाध्यक्ष यूआर आर्या और एसआई गोपाल राम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान अमरोहा के फरीदपुर निवासी लटूर सिंह (पिता), कैलाश सिंह, बृजपाल, ब्रहपाल, तारा देवी (बृजपाल की पत्नी) किशोरी को लेकर निकलने की तैयारी में थे। किशोरी की मां कमला देवी पत्नी स्व. रमेश चंद्र जोशी उन्हें छोड़ने सड़क पर आई थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने किशोरी को संरक्षण में लेने के साथ पांचों को गिरफ्तार कर लिया।
 
नाबालिग किशोरी को शादी के लिए ले जाया जा रहा था। अमरोहा से आए सभी लोगों के साथ ही किशोरी की मां को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मानव तस्करी, बाल विवाह सहित इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के लिए ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चों को जागरूक किया जाएगा। - मुकेश कुमार, एसपी, बागेश्वर।


इसी गांव में है तारा देवी का मायका 

पुलिस के अनुसार देवर के साथ नाबालिग की शादी की योजना बनाने वाली तारा देवी का मायका भी कन्यालीकोट में ही है। उसकी शादी बृजपाल के साथ लगभग पांच वर्ष पहले हुई थी। अब वह अपने 24 वर्षीय देवर ब्रह्मपाल की शादी के लिए लड़की खोजने पूरे परिवार के साथ मायके आई थी।

पुलिस के अनुसार उसने किशोरी की मां को शादी का पूरा खर्च स्वयं उठाने और बाकी बेटियों की शादी का इंतजाम करने सहित तमाम तरह के लालच दिए थे। इससे गरीब कमला देवी लालच में आ गई, लेकिन समय पर पुलिस को खबर मिलने से वह अपनी योजना में कामयाब नहीं हो पाए। 

छठी कक्षा में पढ़ती है किशोरी 

शादी के लिए बेची जा रही 14 साल की किशोरी छठी कक्षा में पढ़ती है। पुलिस के अनुसार शादी के लिए ले जाई जा रही किशोरी की एक छोटी और दो बड़ी बहनें हैं। पिता की पहले मृत्यु हो चुकी है। मां कमला देवी पशुपालन और खेतीबाड़ी से घर चलाती हैं। सबसे बड़ी बहन अपने चाचा के साथ दिल्ली में रहती है। उसी की सूचना पर वह अनजान हाथों में जाने से बच पाई। 

नाबालिग बेटियों को बेचने के और भी हैं मामले 

गरीब होने की लाचारी कहें या फिर रुपयों का लालच कई लोगों द्वारा अपने जिगर के टुकड़ों को अनजान हाथों में सौंपने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। 2014 में भी कपकोट के एक दूरस्थ गांव में इसी तरह का मामला प्रकाश में आया था। अपनी बेटी को शादी के लिए हरियाणा से आए अनजान लोगों को बेचने पर नाबालिग के पिता को पुलिस ने बागेश्वर में गिरफ्तार किया था। इसके अलावा राजस्व क्षेत्रों में होने वाली इस तरह की मानव तस्करी की घटनाएं प्रकाश में नहीं आ पाती हैं। 

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