ग्राफिक एरा के छात्र विक्रम धर्मसत्तू के पिता चंद्र सिंह धर्म सत्तू रोते रोते बेहाल हो गए थे। पोस्टमार्टम हाउस में अपने जिगर के टुकड़े का चेहरा देखने के बाद पिता फूट फूट कर रोने लगे। कहा कि मेरा बेटा डूबा नहीं, उसे जान से मारा गाया है।
आखिर किस कारण मेरे लाल को मारा गया। घुटने भर पानी मेें कैसे कोई डूबेगा। किसी कातिल को छोड़ूंगा नहीं। हिसाब लेकर रहूंगा। रोते रोते पिता जमीन पर गिर पड़े। तीन लोग किसी प्रकार पकड़कर उनको कार में बैठाए। चंद्र सिंह के साथ काफी लोगों की भीड़ पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गई थी।
वही ग्राफिक ऐरा पर्वतीय विवि प्रबंधन ने उन चारों छात्रों को कक्षा और छात्रावास दोनों से निलंबित कर दिया है, जो शनिवार को नलदमयंती ताल में हुए हादसे के दौरान विक्रम धर्मसक्तू के साथ थे। संस्थान की ओर से इस संबंध में छात्रों और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।
बीते दिवस बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र रजत उपाध्याय पुत्र महेश चंद्र उपाध्याय निवासी मंडी हाउस दिल्ली, अमन त्यागी पुत्र नवीन त्यागी निवासी संगम विहार मुजफ्फरनगर यूपी, प्रतीक दरम्वाल पुत्र श्याम सिंह निवासी धनपुरी रामपुर रोड हल्द्वानी और हरीश मेहरा पुत्र नारायण सिंह निवासी खोल्टा अल्मोड़ा और विक्रम धर्मसक्तू पुत्र चंद्र सिंह धर्मसक्तू निवासी कनौली शामा बागेश्वर संस्थान से आउट पास लेकर बाहर निकले थे और नलदमयंती ताल जा पहुंचे।
इसी दौरान विक्रम धर्मसक्तू की नलदमयंती ताल में डूबने से मौत हो गई थी। ग्राफिक ऐरा विवि के डीन प्रो.आरसीएस मेहता ने बताया कि संस्थान ने मृतक विक्रम धर्मसक्तू के साथ मौजूद चारों छात्रों को तत्काल प्रभाव से कक्षा और छात्रावास से निलंबित कर दिया है।
एक सवाल के जवाब में डीन प्रो. मेहता ने बताया कि सोमवार को विवि के वाइस चांसलर संजय जसोला यहां पहुंच रहे हैं। उनके आने पर ही आउटिंग के नियमों में फेरबदल समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।