एसओ दवलीर सिंह वर्मा ने बताया कि पांच मई को गांव गाजीपुर कुंडा निवासी अनोखेलाल ने तहसील दिवस में शिकायती पत्र दिया था। एसडीएम बीसलपुर एपी श्रीवास्तव के आदेश पर सहायक चकबंदी अधिकारी, कानूनगो एवं लेखपाल ने पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर पैमाइश कर एक बीघा जमीन पर उसे कब्जा दिला दिया और कच्ची तूदाबंदी करा दी थी। रविवार को अनोखेलाल मजदूरों के साथ पक्की तूदाबंदी कर रहा था। इसी बीच गांव के तौलेराम, मोहनलाल, भूपराम व इनके घरों की महिलाओं सहित तमाम लोग लाठी डंडे व सरिया लेकर पहुंच गए और उस पर हमला बोल दिया। किसी तरह से अनोखेलाल शोर मचाते हुए मौके से भाग निकला। शोरशराबा होने पर गांव का हरेंद्र वर्मा बाइक से मौके पर पहुंच गया। हमलावरों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की। बाइक तोड़कर उसमें आग लगा दी और तूदाबंदी के निशानों को मिटा दिया। सूचना पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आरोपी पक्ष के लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने जब लाठियां फटकारी तो हमलावर तितर-बितर हो गए। एसओ ने बताया कि अनोखेलाल की तहरीर पर गांव के ही तौलेराम, मोहनलाल, भूपराम, गेंदनलाल, पूरनलाल, ओमप्रकाश, भगवानदास, विलासो देवी, कुंती देवी, यशोदा देवी सहित दस लोगो के खिलाफ बलवा सहित कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।