बागेश्वर। कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को डोबा-चौहना गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची, लेकिन अधिकतर ग्रामीण जांच कराने नहीं पहुुंचे। एक हजार से अधिक की आबादी वाली दो ग्राम सभाओं से मात्र 142 लोगों ने कोविड जांच कराई। इनमें से तीन लोग कोरोना संक्रमित पाए गए।
डोबा-चौहना गांव में 12 मई को कोविड जांच होनी थी, लेकिन धारी में जांच के दौरान अधिक समय लगने से स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंच पाई। इसके बाद शनिवार का दिन नियत किया गया था। शनिवार सुबह से कुछ लोग जांच कराने आए।
करीब दो बजे तक जांच चलती रही। जांच टीम के सदस्य और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी यशवीर सिंह असवाल ने बताया कि जांच के लिए बेहद कम संख्या में लोग आए।
दिन के दो बजे तक स्वास्थ्य केंद्र में टीम ग्रामीणों का इंतजार करती रही, लेकिन ग्रामीण नहीं पहुंचे। सुबह अधिकतर लोगों ने जांच कराई लेकिन दोपहर बाद संख्या लगातार कम होती रही।
उन्होंने बताया कि गांव में बुखार, जुकाम के रोगी बढ़ने की सूचना के बाद जांच की जा रही थी, लेकिन ग्रामीणों का रवैैया निराश करने वाला रहा।
डोबा और चौहना से कुछ लोग आए, लेकिन घौताड़ी, नकुड़ा, गढ़िया, इकहथिया, सिमी-नरगोल से चंद लोग ही कोरोना की जांच कराने पहुंचे।
सभी ग्रामीणों को एक दिन पहले दी थी सूचना
बागेश्वर। चौहना के ग्राम प्रधान भुवन सिंह टंगड़िया ने बताया कि कोरोना जांच की सूचना सभी तोकों में एक दिन पहले दे दी गई थी। सभी गांवों के जनप्रतिनिधियों और लोगों को फोन के माध्यम से भी सूचित किया गया। इसके बावजूद लोग नहीं आए।
सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर पांडेय ने कहा कि इन दिनों बुखार के रोगी बढ़ रहे हैं। जांच टीम के गांव आने के बाद भी लोगों का जांच न कराना निराशाजनक है। उन्होंने प्रशासन से सभी ग्रामीणों की कोरोना जांच जरूर करने की मांग की। कहा कि प्रशासन की सख्ती से ही गांवों में कोरोना को बढ़ने से रोका जा सकेेगा।