ठेकेदारों ने लोनिवि कार्यालय में जड़े ताले
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बागेश्वर और कपकोट में लंबित बिलों का भुगतान, स्थानीय ठेकेदारों को अधिक काम देने और रॉयल्टी की दरें कम करने समेत 25 सूत्री मांगों को लेकर ठेकेदार संघ का आंदोलन जारी है। ठेकेदारों ने लोनिवि कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने मांगें पूरी होने तक निविदाओं का बहिष्कार कर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को ठेकेदार संघ के सदस्यों ने जिलाध्यक्ष हीरा बल्लभ भट्ट के नेतृत्व में विभागों में तालाबंदी की। ठेकेदारों का कहना है कि निविदाओं के बहिष्कार और आंदोलन के बावजूद सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। विभागों में जेई और एई के रिक्त पदों को भरने के लिए भी कवायद नहीं की जा रही है। बड़े टेंडर बाहरी ठेकेदारों को दिए जा रहे हैं जबकि ठेकेदार संघ लंबे समय से इन टेंडरों को छोटा कर स्थानीय ठेकेदारों को देने की मांग कर रहा है। इस मौके पर मोहन सिंह रावत, संजय नेगी, दिनेश मेहता, हीरा सिंह नेगी, महेश परिहार, कुंदन सिंह, गिरीश सिंह, नंदन खेतवाल, जगदीश पाठक आदि मौजूद रहे।
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इधर कपकोट में ठेकेदार संघ ने बिना तकनीकी स्वीकृति के निविदा लगाने का विरोध किया है। ठेकेदारों ने लोनिवि के अधिकारियों को ज्ञापन देकर बिना तकनीकी स्वीकृति के लगाई गईं निविदाओं को निरस्त करने की मांग की। ठेकेदार संघ कपकोट के अध्यक्ष मनोज कपकोटी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में ठेकेदारों ने बताया कि लोनिवि कपकोट में निविदा लगने के बाद तकनीकी स्वीकृति कराई जाती है जो नियम विरुद्ध है। निविदा होने के बाद तकनीकी स्वीकृति के लिए ठेकेदार को काफी भटकना पड़ता है सइलिए तकनीकी स्वीकृति के बाद ही निविदा लगाई जानी चाहिए। ठेकेदार संगठन ने 25 सूत्री मांगों को लेकर धरना भी दिया। इस मौके पर दिनेश टाकुली, उमेद सिंह, सुरेंद्र सिंह, हरीश शाही आदि मौजूद रहे।
ठेकेदारों ने विधायक को बताईं समस्याएं
देवभूमि ठेकेदार कल्याण समिति के सदस्यों ने विधायक महेश जीना से मिलकर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ठेकेदारों ने मांग की कि प्रदेश में निविदाओं का एक स्वरूप बनाया जाना चाहिए। ठेकेदारों का भुगतान लंबे समय से लंबित चल रहा है जिसका तत्काल भुगतान किया जाए। विधायक ने आश्वासन दिया कि उनकी इन समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। इस दौरान समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह देव, संजय बोरा, प्रकाश नेगी, विधि सलाहकार पूरन सिंह मेहरा, दीप मेहरा आदि मौजूद रहे।