बागेश्वर। आठ मई को हल्द्वानी से शुरू हुई कांग्रेस की सद्भावना यात्रा सोमवार को धरमघर पहुंची। यहां यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। वन विभाग के अतिथि गृह में हुई आम सभा में वक्ताओं ने देश के वर्तमान हालात को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। वक्ताओं ने कहा कि हर तरफ नफरत का माहौल है और लोकतंत्र की बुनियाद हिल रही है। उन्होंने यात्रा को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया। यात्रा का समापन 18 जून को देहरादून में होगा।
धरमघर में हुई सद्भावना सभा में पद्मश्री बसंती देवी ने कहा कि आज विकास के नाम पर पर्यावरण का नुकसान हो रहा है। पूरा विश्व पर्यावरणीय विनाश के कगार पर खड़ा है। चिपको आंदोलन के साहिब सिंह सजवाण ने कहा कि वर्तमान में देश का सांस्कृतिक तानाबाना बिखर रहा है। हर तरफ हिंसा और नफरत का वातावरण पैदा हो रहा है। लोकसेवक रमेश पंत और राजीव गांधी फाउंडेशन के हिदायत आजमी ने भी देश के वर्तमान हालात पर दुख जताया। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि कांग्रेस एक पार्टी नहीं विचारधारा का नाम है, जो समाज को सद्भावना और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के अनुरूप जोड़ने का काम करती है। पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि आजादी को भीख बताने वाले सत्ता का सुख भोग रहे हैं। देश बुरे दौर से गुजर रहा है, जिसे बचाने के लिए सद्भावना का विचार जन-जन तक पहुंचाना होगा।
यात्रा हल्द्वानी से लालकुआं, दिनेशपुर, रुद्रपुर, दन्या, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, मुनस्यारी होते हुए धरमघर पहुंची है। यात्रा में निशांत पंत, इस्लाम हुसैन, सुंदर मेहरा, गोविंद बिष्ट, प्रो. शेखर पाठक, पीसी तिवारी, उमा पंचपाल आदि शामिल हुए।
यात्रा का स्वागत करने की अपील
अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने सोमवार को एक बैठक आयोजित कर लोगों से 26 मई को अल्मोड़ा पहुंच रही सद्भावना यात्रा का स्वागत करने की अपील की है। केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि देश-प्रदेश में सामाजिक सौहार्द एवं सद्भावना के लिए विभिन्न संगठनों की ओर से आयोजित इस यात्रा का 26 मई को अल्मोड़ा गांधी पार्क में स्वागत किया जाएगा। पार्टी की केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपपा ने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा और प्राकृतिक संसाधनों की पूंजीपतियों के पक्ष में हो रही लूट के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। बैठक में वक्ताओं ने सल्ट में अनुसूचित जाति के दूल्हे को घोड़े से उतारने की कोशिश, सूखीढांग (चंपावत) के एक विद्यालय में दलित भोजनमता के हाथों मिड डे मील न करने की दोबारा हुई घटनाओं को शर्मनाक बताते हुए इनकी निंदा की। बैठक में एडवोकेट नारायण राम धीरेंद्र मोहन पंत, सरिता मेहरा, चंपा सुयाल, वसीम अहमद, प्रकाश चंद्र, भारती पांडे, दीक्षा सुयाल आदि मौजूद रहे।