बागेश्वर के झिरौली मैग्नेसाइट में ईंट बनाने के लिए लगी मशीन। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। बागेश्वर जिले के लोगों को मैदानी क्षेत्र से मंगाई जाने वाली लाल ईंट के बेहतर विकल्प के तौर पर कंकरीट से बनी मजबूत ईंट (कंकरीट ब्लॉक) उपलब्ध हो गई है। झिरौली मैग्नेसाइट ने कंकरीट ईंट बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए मशीन भी स्थापित की गई है। यह ईंट मैदानी क्षेत्र से आने वाली भट्टे में बनी लाल ईंट से मजबूत होने के साथ सस्ती भी पड़ती है। इसके अलावा ईंट निर्माण कार्य 10 स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल गया है।
झिरौली मैग्नेसाइट लिमिटेड ने पिछले मार्च महीने में कंकरीट ब्लॉक बनाने की तैयारी की थी लेकिन लॉकडाउन के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। अनलॉक के बाद पिछले जुलाई से कंकरीट की ईंट बनाने का काम शुरू हुआ। मैग्नेसाइट माइन से निकलने वाली रेत और गिट्टी का प्रयोग करके कंकरीट की ईंट बनाई जा रही है। 230 एमएम लंबी, 110 एमएम चौड़ी और 70 एमएम लंबी यह ईंट लाल ईंट से आकार में बड़ी है। सरल शब्दों में तीन लाल ईंट के बराबर कंकरीट की दो ईंटें हैं। लाल ईंट आठ से साढ़े आठ रुपये की है, जबकि कंकरीट की ईंट भी इसी मूल्य पर उपलब्ध है। लेकिन आकार में बड़ी होने के कारण भवन निर्माण में लाल ईंट के मुकाबले कंकरीट की ईंट से निर्माण ज्यादा सस्ता पड़ता है। वहीं इस ईंट से भवन निर्माण करने पर प्लास्टर पर भी काफी कम खर्चा आता है। ईंट को बनाने में छह से 10 एमएम के अनुपयोगी ग्रिट का प्रयोग किया जा रहा है। झिरौली फैक्ट्री क्षेत्र से लोगों को ईंट उपलब्ध हो जाएगी। ईंट को वाहन में निशुल्क लोड कराया जाएगा।
पेवर ब्लॉक भी बनने लगे
बागेश्वर। मैग्नेसाइट में कंकरीट ईंट के साथ पेवर ब्लॉक भी बनने लगे हैं। इनका प्रयोग टायल्स के रूप में किया जा सकता है। पेवर ब्लॉक रंगीन भी उपलब्ध हैं। अभी कंपनी ने पेवर ब्लॉक का मूल्य निर्धारित नहीं किया है। शीघ्र ही पेवर ब्लॉक भी बाजार में उपलब्ध हो जाएंगे।
प्रत्येक ईंट के हिसाब से कामगारों का लाभांश तय किया जा रहा है। जल्द ही ईंट निर्माण के रेट तय कर दिए जाएंगे। इससे जो कामगार जितनी ईंट बनाएगा, उसके हिसाब से उसे भुगतान किया जाएगा। अधिक ईंट बनाने पर अधिक मुनाफा कामगार कमा पाएंगे।
-शुभम जोशी सिविल इंजीनियर झिरौली मैग्नेसाइट
झिरौली में तैयार कंकरीट ईंट। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR