बागेश्वर। कपकोट के अंतिम गांव कुंवारी की तलहटी पर शंभू नदी में मलबा पटने से झील बन गई थी। अब नदी से मलबा हटाने का काम शुरू हो गया है और पानी की निकासी शुरू हो गई है।
सिंचाई विभाग, तहसील प्रशासन और एसडीआरएफ के संयुक्त प्रयास से झील से मलबा हटाया जा रहा है। भूस्खलन से जमा मलबा हटाने के लिए विभाग की ओर से 20 श्रमिक लगाए गए हैं। फिलहाल झील बनने से चमोली जिले के थराली आदि क्षेत्रों के लिए उत्पन्न खतरा टल गया है।
शंभू बुग्याल से निकलने वाली शंभू नदी में वर्ष 2018 में कुंवारी गांव की पहाड़ी से गिर रहे मलबे से झील बननी शुरूहो गई थी। चार साल में झील की लंबाई बढ़कर करीब 700 मीटर हो गई और झील में 6500 क्यूसेक से अधिक पानी जमा हो गया। इस वर्ष मई में नदियों को जोड़ने की योजना का सर्वे करने आई यूसेक की टीम को शंभू नदी में झील बनने की जानकारी हुई।
अमर उजाला ने 27 जून को शंभू नदी में झील बनने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया और लगातार झील पर खबरें प्रकाशित कीं। इसके बाद जिला प्रशासन सतर्क हुआ और एसडीएम पारितोष वर्मा के निर्देशन में एक टीम झील का सर्वे करने के लिए भेजी गई। ड्रोन कैमरे से झील की तस्वीरें और वीडियोग्राफी कराई गई।
डीएम विनीत कुमार ने सिंचाई विभाग कपकोट को झील से मलबा हटाने की जिम्मेदारी सौंपी। सिंचाई विभाग ने 9.92 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर एसडीएम को प्रस्तुत किया और एएई प्रकाश नेगी को झील से मलबा हटाने की जिम्मेदारी सौंपी। अपर सहायक अभियंता (एएई) नेगी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने झील तक पोकलैंड मशीन को ले जाने की दिक्कतें बताईं और श्रमिकों की मदद से झील को खुलवाने की बात कही।
एएई प्रकाश नेगी के नेतृत्व में राजस्व उपनिरीक्षक कुंदन प्रसाद, एसडीआरएफ इंचार्ज राजेंद्र मेहरा और उनकी टीम ने मौके पर जाकर झील से मलबा हटाने के प्रयास शुरू कर दिए। सिंचाई विभाग की ओर से श्रमिकों को भी काम पर लगाया गया। पिछले चार दिनों में झील से अधिकांश पानी की निकासी करा दी गई है।
जोखिम उठाकर हटा रहे मलबा
बागेश्वर। एसडीआरएफ के जवान और श्रमिकों को मलबा हटाने के लिए जोखिम उठाकर काम करना पड़ रहा है। झील के मुहाने पर जमा मलबा दलदल बन गया है। उसे हटाने के दौरान कई बार जवान और श्रमिक फंस रहे हैं। मलबा हटाने के साथ ही पानी का बहाव भी तेज हो गया है। ऐसे में बेहद सावधानी से काम करना पड़ रहा है।
शंभू नदी में बनी झील के मुहाने से मलबा हटाने का काम चल रहा है। फिलहाल झील से बना खतरा टल गया है लेकिन पहाड़ी से मलबा गिरना भी जारी है। अभी टीम मौके पर है। जल्द ही झील के मुहाने और आसपास जमा मलबा पूरी तरह से हटा दिया जाएगा और झील में जमा पानी की निकासी करा दी जाएगी। - जेएस बिष्ट, ईई, सिंचाई विभाग कपकोट