बागेश्वर। पशुपालन विभाग पशु चिकित्सकों और पशुधन प्रसार अधिकारियों की कमी का सामना कर रहा है। जिले में पशु चिकित्सकों के पांच और पशुधन प्रसार अधिकारियों के 26 पद रिक्त हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में 11 पशु चिकित्सालय और 42 पशु सेवा केंद्र हैं। एक सचल पशु चिकित्सालय भी है। 12 पशु चिकित्सकों के सापेक्ष सात चिकित्सक तैनात हैं। नामतीचेटाबगड़, स्यांकोट, खाती, डंगोली पशु चिकित्सालय और सचल वाहन में चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। केवल 16 पशु सेवा केंद्र में पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात हैं।
पशु चिकित्साधिकारियों और चिकित्सकों के पद रिक्त होने के कारण पशुपालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पशु के बीमार होने पर पशु चिकित्सक नहीं मिल पाते हैं। टीकाकरण आदि का काम भी प्रभावित होता है। लंपी संक्रमण के दौरान भी रिक्त पदों के कारण विभाग को काफी परेशानी उठानी पड़ी। चिकित्सकों की कमी से टीकाकरण, लंपी सक्रमित पशुओं की जांच और उपचार के काम में असर पड़ा।
प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कमल पंत ने बताया कि रिक्त पदों की सूचना हर महीने शासन को भेजी जाती है। जिन केंद्रों में पशु चिकित्सक और पशुधन प्रसार अधिकारी नहीं है, वहां अन्य केंद्रों से प्रभारी भेजे जाते हैं। महीने में एक या दो बार पशुओं की जांच के लिए शिविर भी लगाया जा रहा है।