बागेश्वर/कपकोट/कांडा। चैत्र नव रात्रि के शुभारंभ पर देवी मंदिरों के साथ ही अन्य मंदिर श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार रहे।
बागेश्वर के चंडिका देवी मंदिर, गरुड़ के डंगोली स्थित कोट भ्रामरी मंदिर, कपकोट के बदियाकोट भगवती मंदिर, कांडा के महाकाली मंदिर, भद्रकाली मंदिर में सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। लोगों ने मंदिर दर्शन के साथ ही पंडितों से पूजा संपन्न कराई।
बागेश्वर के बागनाथ मंदिर, कालभैरव मंदिर, वाणेश्वर मंदिर, नीलेश्वर मंदिर, गरुड़ के बैजनाथ मंदिर में भी सुबह से लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। खुनौली के छुरमल मंदिर में नौर्त का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने हरज्यू के दर्शन किए। अगले 10 दिन तक देवी मंदिर भक्तों की आवाजाही से रोशन रहेंगे।
बाबा बागनाथ मंदिर में श्रीमद्देवी भागवत शुरू
बागेश्वर। बागेश्वर के भगवान बागनाथ के मंदिर में श्रीमद्देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ शुरू हो गया है। शुभारंभ पर महिलाओं और महात्माओं ने ढोल, नगाड़ों की थाप के बीच सरयू से कलश यात्रा निकाली। श्रीमद्देवी भागवत का आयोजन दशनाम धर्मार्थ समिति ब्रह्मलीन श्रीमहंत कृष्ण चंद्र गिरी महाराज की स्मृति में कर रही है। आयोजन के व्यास आचार्य गणेश दत्त जोशी की देखरेख में यजमान दंपती दिनेश चंद्र जोशी, जनार्दन जोशी के हाथों नित्यकर्म संपन्न कराए गए। व्यास जोशी ने कहा कि लोगों को रोज कुछ समय ईश्वर की भक्ति के लिए निकालना चाहिए। इसी से मानव कल्याण हो सकता है। संगीतकार भास्करानंद जोशी की टीम भागवत में भजनों की प्रस्तुति दे रही है। पंच दशनाम जूना अखाड़ा के श्रीमहंत शंकर गिरी महाराज ने लोगों से भागवत कथा सुनने की अपील की। सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
जनजागरूकता अभियान की शुरुआत
बागेश्वर। सरमूल सौधारा भद्रतुंगा विकास एवं सरयू संरक्षण समिति, लखनऊ की लोक भारती संस्था की ओर से पहली नवरात्र से सरयू जनजागरूकता अभियान की शुरुआत हो गई है। समिति के सलाहकार दयाल कुमल्टा, लोक भारती संस्था के भास्कर अस्थाना के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बागनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। सरयू का जल लेकर भद्रतुंगा लौटे।