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महिला हेल्पलाइन ने बिखरने से बचाए 600 परिवार

Thu, 09 Mar 2017 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
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महिला दिवस मनाया - फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। महिलाओं की मदद के लिए शुरू की गई महिला हेल्पलाइन बिखरते रिश्तों की डोर को फिर से जोड़ने में मददगार साबित हो रही है। पिछले एक दशक में महिला हेल्पलाइन मनमुटाव के कारण बिखर रहे जिले के 600 सौ से अधिक परिवारों को टूटने से बचा चुकी है।
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उत्पीड़न का शिकार होने वाली महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए वर्ष 2004 में महिला हेल्पलाइन शुरू की गई। इस हेल्पलाइन में पति या परिवार के किसी सदस्य द्वारा महिलाओं से मारपीट, पहली पत्नी के जीवित रहते पति द्वारा दूसरी शादी करने, मनमुटाव के कारण पति-पत्नी के वर्षों से अलग रहने जैसी शिकायतें आती हैं।

इसके तहत महिला हेल्पलाइन के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा दोनों परिवारों के मुखियाओं और ग्राम प्रधानों की मौजूदगी में पति-पत्नी की काउंसलिंग कराई जाती है। इसके बाद रिकाउंसलिंग कराई जाती है। संतुष्ट होने के बाद दोनों को एक साथ भेज दिया जाता है। यह हेल्पलाइन पीड़ित महिलाओं को न केवल उत्पीड़न से बचा रही है बल्कि मनमुटाव के बाद टूटने की कगार पर पहुंच चुके परिवारों को बचाने में भी बेहद मददगार साबित हो रही है।
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बागेश्वर कोतवाली में महिला हेल्पलाइन पिछले एक दशक में 600 से अधिक परिवारों को टूटकर बिखरने से बचा चुकी है। वर्ष 2016 में महिला हेल्पलाइन ने 71 परिवारों को टूटने से बचाया। इनमें एक मामला ऐसा था जिसमें 15 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी को आपस में मिलाया। इस वर्ष भी 13 मामले महिला हेल्पलाइन में आ चुके हैं। इनमें से सात मामलों का निस्तारण कर दिया है। शेष छह मामलों में काउंसलिंग चल रही है।

बागेश्वर कोतवाली की महिला हेल्पलाइन प्रभारी शांति पंचपाल ने बताया कि महिला हेल्पलाइन में जो भी पेचीदा पारिवारिक मामले आते हैं। उनका निपटारा काउंसलिंग करके किया जाता है। काउंसलिंग के बाद भी यदि किसी मामले में कोई शंका हो तो मामले को ऐच्छिक ब्यूरो में भेजा जाता है। काउंसलिंग में दोनों पक्षों को बराबर सुना जाता है। 

गरुड़ (बागेश्वर)। महिला दिवस पर हिमालया ट्रस्ट में गोष्ठी हुई। ट्रस्ट ने एवरेस्ट विजेता पूजा मेहरा और पिंगलों की जिला पंचायत सदस्या नंदी भंडारी को सम्मानित किया। गोष्ठी की मुख्य अतिथि बाल विकास परियोजना अधिकारी चित्रा कोहली ने कहा कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई है। उन्होंने पुरुषों को ही नहीं महिलाओं से भी महिलाओं को सम्मान देने को कहा। ट्रस्ट के प्रमुख सदन मिश्रा ने महिलाओं को महिला दिवस की जानकारी दी। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के टीएलसी में शिक्षकों ने धूमधाम से मनाया। वक्ताओं ने महिलाओं के कार्यों को महत्व देने की अपील की। महिला शिक्षिकाओं ने होली गायन भी किया। वहां जानकी वर्मा, दलीप भाकुनी, नीरज पंत, सौम्या, हंसी मिश्रा, सदन मिश्रा, रमेश सनवाल, प्रतीक, दीपिका श्रीवास्तव भी थे। 
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