बागेश्वर के टिटोली गांव के स्थापना दिवस पर ग्रामीणों को सम्मानित करते मातृभूमि रक्षा समिति के प
कांडा/बागेश्वर। 130 साल पहले 1894 को बसे टिटोली गांव का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। बड़ी संख्या में प्रवासी गांव पहुंचे। 81 साल के नारायण सिंह रौतेला ने केक काटा। ग्रामीणों ने गीत, संगीत और नृत्य से कार्यक्रम में रंग भरे। पूर्व में भरापूरा यह गांव अब पलायन के कारण तकरीबन खाली हो चुका है। लोग स्थापना दिवस और अन्य शुभ कार्यों में ही गांव आते हैं।
टिटोली गांव को 24 जून को स्व. भवान सिंह ने बसाया था। वह छानाबिलौरी गांव से पलायन कर धपोलासेरा पहुंचे थे, बाद में उन्होंने टिटोली में जमीन लेकर इस गांव में बसासत की थी। अब गांव में उनकी छठी पीढ़ी रह रही है। विगत सोमवार को ग्रामीणों ने धूमधाम से गांव का स्थापना दिवस मनाया। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हल्द्वानी और जिला मुख्यालय से आए लोगों ने गांव में रहने वालों के साथ मिलकर जश्न मनाया।
ग्रामीण मलय रौतेला ने बताया कि गांव का स्थापना दिवस और उनका जन्मदिन एक ही है। बताया कि पूर्वजों के बसाए गांव की याद प्रवासियों को यहां खींच लाती है। आठ-दस दिन तक लोग एक साथ रहते हैं। सहभोज करते हैं। मातृभूमि रक्षा समिति के अध्यक्ष मेजर बीएस रौतेला ने बताया कि स्थापना दिवस कार्यक्रम के बाद लोगों के गांव आने का सिलसिला बढ़ा है। इस मौके पर कृपाल सिंह रौतेला, दीवान सिंह रौतेला, उम्मेद सिंह रौतेला, गोविंद सिंह रौतेला, सुरेंद्र सिंह रौतेला, राजेंद्र सिंह रौतेला, संतोष रौतेला, चंचल सिंह रौतेला, हर्षित आदि मौजूद रहे। संवाद