बागेश्वर/कपकोट। कपकोट क्षेत्र में रविवार रात जमकर बारिश हुई। अतिवृष्टि से कई स्थानों पर भूस्खलन और भू-धंसाव हो गया। अतिवृष्टि के कारण जिले में छह मकान टूट गए हैं। वहीं मलबा आने से कई सड़कें बंद हैं। वहीं एक कॉजवे बहने से यातायात बंद हो गया है।
रविवार रात कपकोट क्षेत्र में 25 मिमी बारिश हुई। ग्राम चीराबगड़ से पोथिंग मोटर मार्ग पर बेलंग गधेरे का मलबा सड़क पर भर गया। कन्यूटी नहर पाइप लाइन समेत एक कॉजवे भी बह गया। इस कारण यातायात बंद हो गया। लोग कई किमी तक पैदल चलने को मजबूर हो गए। लोगों की मांग पर पीएमजीएसवाई खंड की ओर से चीराबगड़-पोथिंग सड़क से मलबा हटाने के लिए जेसीबी तो भेज दी लेकिन जेसीबी में तेल न होने के कारण दोपहर तक सड़क नहीं खुल सकी, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा है।
कपकोट के नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद बिष्ट और सभासद दीपक ऐठानी ने आपदा ग्रस्त क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान लोगों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को घटना स्थल पर लाने की मांग की। तब राजस्व उपनिरीक्षक किशन नाथ गोस्वामी ने क्षति का आकलन किया। बताया कि बेलंग में आई बाढ़ से नगर पंचायत केवार्ड चार में पानी की लाइन, सिंचाई विभाग की नहर, भास्कर आनंद की गोशाला टूट गई। बेलंग निवासी कैलाश चंद्र जोशी ने बताया कि सरकार ने 2012 की आपदा में भारी क्षति के बाद भी सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली।
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कई सड़कें बंद हो गईं
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि लोनिवि कपकोट की भानी से हरसिंग्याबगड़ और दुणी-सुकुंडा-गैरखेत की सड़क बंद है जबकि भयूं-गडेरा ग्रामीण मोटर मार्ग से मलबा हटा दिया गया है। दीवार धंस जाने से पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड की कंधार-रौलियाना-मजकोट ग्रामीण मोटर मार्ग बंद है। पीएमजीएसवाई कपकोट की कपकोट से लीली, रिखाड़ी से बाछम, शामा-लीती-गोगिना, मुनार बैंड-सूपी, कपकोट से पोलिंग मोटर मार्ग भी बंद है। इस खंड ने कपकोट-कर्मी ग्रामीण मोटर मार्ग से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया है। पीएमजीएसवाई एडीबी आपदा खंड की रौल्याना-लोहागढ़ी सड़क समेत कुल सड़कों पर यातायात बंद है।
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अतिवृष्टि से जिले में छह मकान टूटे, एक भैंस मरी
बागेश्वर। अतिवृष्टि से जिले में छह मकान टूट गए जबकि एक भैंस मर गई। अतिवृष्टि से ग्राम गैराड़ निवासी गणेश राम पुत्र वीर राम का आवासीय भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। उसे गांव में ही रमी राम के मकान में ठहराया गया है। ग्राम खुनोली में आंधी से पेड़ गिरने से नवीन चंद्र पुत्र बद्रीदत्त की एक भैंस मर गई। कौसानी के ग्राम रतमटिया निवासी नारायण सिंह पुत्र दान सिंह का आवासीय पक्का मकान टूट गया। उसने पड़ोसी मदन सिंह के घर में शरण ली है। डंगोली क्षेत्र के ग्राम फुल्वाड़ीगूठ निवासी गिरीश लाल पुत्र पदम राम का आवासीय मकान भी टूट गया। तहसील कपकोट के ग्राम लीती निवासी संतोषराम पुत्र रतन राम, तहसील कांडा के ग्राम टोटादेवाल निवासी संतोष कुमार पुत्र दिलीप राम और ग्राम सिमायल पटवारी क्षेत्र खातीगांव निवासी हरीश चंद्र पंत पुत्र पितांबर का आशियाना भी क्षतिग्रस्त हो गया है। पीड़ित लोगों ने परिजनों और पड़ोसियों के यहां शरण ले रखी है। राजस्व विभाग का कहना है कि प्रभावितों को अहेतुक सहायता राशि बांटी जा रही है। ब्यूरो
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हरसिला कफौली के प्रताप सिंह ने डीएम से लगाई गुहार
कपकोट(बागेश्वर)। बाढ़ से कपकोट तहसील क्षेत्र के ग्राम हरसिला कफौली निवासी प्रताप सिंह का मत्स्य तालाब बह गया। फसल मलबे से दब गई। बाढ़ से बचने के लिए उसे टेंट में रहना पड़ रहा है। उसने सोमवार को डीएम रंजना राजगुरु को पत्र सौंपा। बताया कि वर्ष 2012 की बाढ़ में भी वहां भारी क्षति हुई थी। इस कारण उसके दो भाइयों को गांव छोड़ना पड़ा था लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह सुरक्षित स्थान पर घर नहीं बना सका। उसने क्षति का आकलन कर राहत राशि दिलाने की मांग की है।
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कपकोट में गिरा बिजली का पोल
कपकोट/बागेश्वर। रविवार रात कपकोट क्षेत्र में भारी बारिश हुई। इस दौरान बेलंग गधेरे की बाढ़ से 11केवी लाइन के डबल पोल गिर गए। वहीं कपकोट बाजार से कपकोट गांव की ओर जाने वाले मुख्यमार्ग पर भी रविवार तक बिजली का पोल गिर गया। इस कारण ग्राम सोंग, मुनार, काफ्ली कमेड़ा सहित 10 गांवों की बिजली ठप हो गई। सोमवार सुबह आनंद कपकोटी ने इसकी सूचना कपकोट के सभासद तनुज तिरुवा को दी। तिरुवा ने बिजली कर्मियों से जल्दी आकर तार हटाने को कहा लेकिन दोपहर तक कोई नहीं पहुंचा। इस पर सभासद तनुज और ललित जोशी मौके पर गए। उन्होंने लकड़ी से तार हटाकर वहां से गुजर रहे राहगीरों को भी सतर्क किया। वहीं यूपीसीएल के ईई भास्कर पांडे का दावा है कि बिजली कर्मी लाइन सुधारने में जुटे हैं। शीघ्र ही बिजली की आपूर्ति बहाल हो जाएगी।