बागेश्वर में नारेबाजी करते बेसिक शिक्षक।
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सातवें वेतन आयोग के वेतन निर्धारण में पूर्व में मिल रहे न्यूनतम वेतनमान से वंचित कर देने से बेसिक शिक्षक भड़क गए हैं। बेसिक शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए पूर्व में निर्धारित न्यूनतम वेतनमान का लाभ देने के साथ ही रिकवरी रोकने की मांग की। बेसिक शिक्षकों का कहना है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
रविवार को बागनाथ मंदिर परिसर में संयोजक रमेश रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2006 के बाद पदोन्नत बेसिक शिक्षकों को 17140 का न्यूनतम वेतनमान दिया जा रहा था। सातवें वेतन आयोग के निर्धारण में इस न्यूनतम वेतनमान के लाभ से उन्हें वंचित कर दिया गया है, जबकि अब तक मिले लाभ की रिकवरी की जा रही है। बैठक में मौजूद सभी शिक्षकों ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की।
कहा कि यदि पूर्व में दिए जा रहे न्यूनतम वेतनमान के लाभ को बरकरार रखने के साथ ही रिकवरी नहीं रोकी गई तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। बैठक में अुतल लोहनी, हरीश पुरी, महिमन बघरी, लक्ष्मण, आनंद जोशी, प्रेम चंद्र, लक्ष्मण नाथ आदि थे। ब्यूरो