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विभागों से मिले ऋण आवेदनों की जानकारी नहीं दे पाए बैंकर्स, डीएम ने जताई नाराजगी

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बागेश्वर। जिला स्तरीय पुनरीक्षण सह जिला सलाहकार एवं समन्वय समिति की समीक्षा बैठक में बैंकर्स बिना जानकारी के पहुंच गए। डीएम विनीत कुमार ने बैंकर्स से रोजगारपरक योजनाओं के लिए ऋण उपलब्ध कराने को विभागों से मिले आवेदन पत्रों के बारे में जानकारी चाही तो, उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। डीएम ने जानकारी नहीं मिलने पर गहरी नाराजगी जताई और बैंकर्स को रोजगारपक योजनाओं को लेकर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
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विकास भवन सभागार में हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने बेरोजगारों को ऋण उपलब्ध कराने को लेकर विभागवार और बैंकवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बैंकर्स और अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। आगामी बैठकों में ऋण आवेदन पत्रों पर की गई कार्यवाही की पूरी जानकारी के साथ बैठक में आने के निर्देश दिए। उन्होंने ऋण जमा अनुपात की धीमी प्रगति में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 30 सितंबर तक प्राप्त आवेदन पत्रों को स्वीकृत करते हुए ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास खंडों के अधिकारियों और बैंकर्स से शिविर लगाने के लिए निर्धारित तिथि में बैंक में उपस्थित रहकर रोजगारपरक योजनाओं का प्रचार प्रसार करने को कहा। स्वरोजगार के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों को 15 सितंबर तक बैंकों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ डीडी पंत, डीडीओ केएन तिवारी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, महाप्रबंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल और बैंकों के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।
एक से 14 सितंबर तक लगेंगे शिविर
बागेश्वर। विकास खंडों में स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक से 14 सितंबर तक विभिन्न स्थानों में शिविर लगाए जाएंगे। सीडीओ पंत ने बताया कि एक सितंबर को कपकोट, चार से छह सितंबर को बागेश्वर, आठ और नौ को गरुड़, 10 सितंबर को कांडा, 11 सितंबर को कठपुड़ियाछीना और 14 सितंबर को रीमा में शिविर का आयोजन किया जाएगा। संवाद
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पहली तिमाही में 24.78 प्रतिशत रहा ऋण जमा अनुपात
बागेश्वर। समीक्षा बैठक में लीड बैंक अधिकारी एनआर जौहरी ने बताया कि वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में जिले का ऋण जमा अनुपात 24.78 प्रतिशत रहा। वार्षिक ऋण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 के जून तिमाही में बैंकों ने 378.11 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 50.62 करोड़ का वित्तपोषण किया। जो वार्षिक ऋण योजना का 13.39 प्रतिशत रहा। फसली ऋण योजना में जून तिमाही में 82.57 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 24.39 प्रतिशत और कृषि मियादी ऋण में 51.65 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 1.98 प्रतिशत रहा। संवाद
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